एबीसी डेस्क 2 दिसंबर 2025
गुजरात की सड़कों पर इन दिनों एक ऐसा जनसैलाब उमड़ रहा है, जिसे दबाना अब किसी सरकार के बस की बात नहीं। कांग्रेस की जन आक्रोश यात्राओं में राहुल गांधी के सामने जो आवाज़ें उठीं, वे सिर्फ़ राजनीतिक नारे नहीं थीं—वो एक डर, असुरक्षा और टूट चुकी उम्मीदों की सच्ची गवाही थीं। सबसे ज्यादा बोलती दिखीं महिलाएं, जो कह रही हैं कि नशे, अवैध शराब और अपराध ने उनके घरों को, उनके बच्चों के भविष्य को, उनकी रातों की नींद को निगल लिया है। यह वही गुजरात है—महात्मा गांधी और सरदार पटेल की कर्मभूमि—जहां सत्य, त्याग और नैतिकता की मिसालें गढ़ी गईं, लेकिन आज वही धरती ड्रग्स माफियाओं और अपराध सरगनाओं के अड्डे में बदलती दिख रही है।
राहुल गांधी का आरोप सीधा, तीखा और साफ है—“गुजरात का युवा अपराध और नशे की अंधेरी सुरंग में क्यों धकेला जा रहा है? कौन BJP मंत्री है जिसके संरक्षण में यह ड्रग्स साम्राज्य फल-फूल रहा है?” जनता सवाल कर रही है, लेकिन BJP सरकार चुप है। क्या यह चुप्पी डर की है, या किसी बड़े गुनाह की ढाल?
महिलाओं का आरोप और भी गंभीर है—अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता है, और जो पीड़ित हैं उन्हें सिर्फ़ उपेक्षा। गुजरात की सड़कों पर उतरकर महिलाएं सवाल पूछ रही हैं—“हमारी सुरक्षा किसने गिरवी रख दी?” जवाब देने वाला कोई नहीं।
उधर किसान भी फट पड़े हैं। हाल की भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों को उजाड़ दिया। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। राहुल गांधी ने कटाक्ष किया—“जब मोदी जी मुख्यमंत्री थे, तब राहत पैकेज की भाषा रुकती नहीं थी। आज गुजरात डूबा है, डबल इंजन सरकार है, वे प्रधानमंत्री हैं… पर न राहत दिख रही है न संवेदना।”
किसानों का सवाल सीधा है—कर्ज़ माफ़ क्यों नहीं? मुआवजा कहां है?
गुजरात में जनाक्रोश इस कदर है कि हर परिवार अपने बच्चों के भविष्य के लिए चिंतित है। हर व्यक्ति पूछ रहा है—“ड्रग्स का धंधा बंद क्यों नहीं किया? युवाओं की रगों में ज़हर कौन भर रहा है? गद्दारों को बचाया क्यों जा रहा है?”
कांग्रेस का कहना है कि वह जनता की बात सुनती रहेगी और BJP सरकार की “नाकामी, भ्रष्टाचार और संरक्षण संस्कृति” को लगातार उजागर करती रहेगी।
इसी बीच गुजरात कांग्रेस के तेजतर्रार नेता जिग्नेश मेवानी ने CM भूपेंद्र पटेल पर सीधा हमला बोला— “मुख्यमंत्री साहब, ड्रग्स पर आपकी चुप्पी क्यों है? गुजरात का कौन-सा गद्दार है जो युवाओं की रगों में ड्रग्स घुसेड़ रहा है? जवाब दीजिए! गुजरात रोजगार मांग रहा है, ड्रग्स नहीं।”
मेवानी की यह चुनौती अब राज्य की राजनीति में नए सवाल खड़े कर रही है।
कांग्रेस नेता श्रीनिवास बी. वी. ने तो BJP की “Liquor Ban की ढोंग” को ही बेनकाब कर दिया— उन्होंने कहा, “गुजरात में दारू पर प्रतिबंध सिर्फ़ नाम का है। BJP के बड़े नेता ही नशे का धंधा चला रहे हैं। गुजरात में शराब होम डिलीवरी पर है, और नशे की खपत देश में सबसे ज्यादा।”
उनका दावा है कि राज्य में ‘स्कैनर’ सिर्फ़ आम आदमी पर चलता है, बड़े लोगों पर नहीं।
गुजरात में नशे, अवैध शराब, अपराध और किसानों की तबाही पर सरकार की चुप्पी अब जनता को अस्वीकार्य लगने लगी है। गुजरात का जनाक्रोश उबल रहा है और जनता सवाल कर रही है— “गुजरात के गद्दारों को आखिर BJP क्यों बचा रही है?”




