बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले ही महागठबंधन के नेता और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के युवा नेता तेजस्वी यादव ने एक बड़ा ऐलान कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। तेजस्वी ने बेगूसराय की जनसभा में जनता के जोश और समर्थन को देखते हुए कहा कि अब “लड़ाई नतीजों की नहीं, नई सरकार की जिम्मेदारी तय करने की है।” उन्होंने दावा किया कि 26 नवंबर को पटना में नई सरकार शपथ लेगी और “महागठबंधन का शासन जनता के विश्वास और विकास के दम पर शुरू होगा।”
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता अब पूरी तरह बदलाव के मूड में है। डबल इंजन की सरकार ने जो झूठे वादे किए, वो सब जनता ने समझ लिए हैं। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों में बिहार पिछड़ता गया, नौजवान बेरोजगार होते गए और उद्योगों की जगह अपराध और भ्रष्टाचार ने ले ली। “अब जनता इस ठहराव से आज़ादी चाहती है,” तेजस्वी बोले। उन्होंने जोड़ा कि नई सरकार आने के बाद सबसे पहला काम राज्य के युवाओं को रोजगार देने का होगा और सरकारी नियुक्तियों पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएंगे।
RJD नेता ने कहा कि उनकी प्राथमिकता में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार शीर्ष पर रहेंगे। उन्होंने ऐलान किया कि 26 नवंबर से “बदलाव का बिहार” शुरू होगा — जिसमें गरीबों के लिए सम्मान, किसानों के लिए सुरक्षा, और नौजवानों के लिए अवसर की गारंटी दी जाएगी। तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के लिए हर विभाग में जवाबदेही तय करेगी और जनता की निगरानी को मजबूत किया जाएगा।
सभा में भारी भीड़ और नारों के बीच तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा, “नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार को सिर्फ रिपोर्टों और घोषणाओं में आगे बढ़ाया, ज़मीनी हकीकत में कुछ नहीं बदला। केंद्र से पैसा आया, लेकिन गांवों तक पहुंचा नहीं।” उन्होंने कहा कि जनता अब इस ठगबंधन को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है और बिहार में परिवर्तन की हवा अब आंधी बन चुकी है।
तेजस्वी यादव का यह बयान चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में विपक्षी दलों के आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की जीत अब सिर्फ अनुमान नहीं, बल्कि जनता का फैसला बन चुकी है। 26 नवंबर को नई सरकार की शपथ के साथ “बिहार की नई कहानी” शुरू होगी — एक ऐसी कहानी जिसमें सत्ता जनता के लिए होगी, सत्ता के लिए जनता नहीं।




