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पेट्रोल-डीजल और कच्चे तेल पर सरकार का बड़ा बयान, 24×7 कंट्रोल रूम शुरू

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एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 4 मार्च 2026

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बड़ा आश्वासन दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है और एहतियात के तौर पर 24 घंटे, सातों दिन काम करने वाला विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

मंत्री ने बताया कि भारत के पास कच्चे तेल और तैयार पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकारी तेल कंपनियां नियमित रूप से आयात, रिफाइनिंग और वितरण की प्रक्रिया को मॉनिटर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में अस्थिरता जरूर देखी जा रही है, लेकिन देश की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। सरकार ने यह भी साफ किया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पहले से दीर्घकालिक योजना बनाई गई है, जिसके तहत अलग-अलग स्रोतों से तेल आयात किया जाता है ताकि किसी एक क्षेत्र में संकट का सीधा असर भारत पर न पड़े।

24×7 कंट्रोल रूम का उद्देश्य केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तेल कंपनियों, बंदरगाहों, शिपिंग कंपनियों और राज्य सरकारों के साथ समन्वय भी सुनिश्चित करेगा। अगर कहीं वितरण में रुकावट आती है या कीमतों को लेकर असामान्य स्थिति बनती है, तो तुरंत हस्तक्षेप किया जा सकेगा। मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रोजाना स्थिति की समीक्षा करें और आवश्यक होने पर अतिरिक्त कदम उठाएं।

मंत्री ने आम लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य है और पंपों पर किसी तरह की कमी की सूचना नहीं है। साथ ही, सरकार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर रणनीतिक भंडार का भी उपयोग किया जा सकता है।

वैश्विक स्तर पर यदि कच्चे तेल की कीमतों में लंबी अवधि तक तेजी बनी रहती है, तो उसका असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है, लेकिन फिलहाल सरकार का रुख यह है कि ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित है और देश किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आम आदमी को पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता में कोई दिक्कत न हो और अर्थव्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।

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