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पाकिस्तान की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता पर सरकार घिरी, जयराम रमेश ने नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर उठाए सवाल

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राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 मार्च 2026

कांग्रेस का आरोप—भारत की कूटनीति कमजोर, पाकिस्तान को मिल रही नई अंतरराष्ट्रीय भूमिका

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि हालिया वैश्विक घटनाक्रम भारत के लिए गंभीर कूटनीतिक झटका साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान अब फिर से वैश्विक मंच पर सक्रिय और स्वीकार्य होता दिख रहा है, जो भारत की विदेश नीति की विफलता को उजागर करता है।

रमेश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आ रही रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान को पश्चिम एशिया के जटिल संकट में एक संभावित मध्यस्थ के रूप में देखा जा रहा है। उनके मुताबिक, अगर यह स्थिति सही है तो यह भारत की कूटनीतिक स्थिति के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इसे “गंभीर कूटनीतिक setback” बताते हुए कहा कि भारत, जो खुद को वैश्विक नेतृत्व की भूमिका में प्रस्तुत करता रहा है, इस मौके पर हाशिए पर नजर आ रहा है।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अपनाई गई शैली ने भारत की पारंपरिक कूटनीतिक ताकत को कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की “हग्लोमैसी” (व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित कूटनीति) अब बेनकाब हो चुकी है और इसके कारण देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमत चुकानी पड़ रही है।

रमेश ने यह भी कहा कि एक समय पाकिस्तान आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा था, लेकिन अब उसने अपनी कूटनीतिक सक्रियता के जरिए वैश्विक स्तर पर फिर से जगह बना ली है। उनके अनुसार, भारत जहां अपनी स्थिति मजबूत कर सकता था, वहीं मौजूदा रणनीति के चलते वह अवसर गंवा बैठा।

उन्होंने विदेश मंत्री पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस पूरे घटनाक्रम को “छिपाने” की कोशिश कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर हुई है। रमेश ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने में सफल रहा था, लेकिन अब हालात उलट दिखाई दे रहे हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और वैश्विक कूटनीति तेजी से बदल रही है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, जबकि सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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