एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 9 मार्च 2026
मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के संगठन Group of Seven के वित्त मंत्री आज एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस बैठक में वैश्विक बाजार को स्थिर करने के लिए आपातकालीन तेल भंडार जारी करने के विकल्प पर चर्चा की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने के बाद ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे में अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान जैसे देशों के वित्त मंत्री इस बात पर विचार कर सकते हैं कि क्या सामूहिक रूप से रणनीतिक तेल भंडार बाजार में जारी किए जाएँ, ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि G7 देश अपने आपातकालीन तेल भंडार का कुछ हिस्सा जारी करते हैं तो इससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति बढ़ सकती है और कीमतों पर दबाव कम किया जा सकता है। हालांकि यह कदम आम तौर पर तभी उठाया जाता है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर संकट का खतरा पैदा हो जाता है।
ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा हालात में युद्ध के कारण तेल उत्पादन, परिवहन और समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है। खासकर मध्य-पूर्व से गुजरने वाले प्रमुख समुद्री मार्गों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।
यदि G7 देशों द्वारा संयुक्त रूप से तेल भंडार जारी करने का फैसला लिया जाता है तो यह वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाएगा। इससे न केवल तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है, बल्कि वैश्विक महंगाई और ऊर्जा लागत पर भी कुछ राहत मिल सकती है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है, क्योंकि इसके फैसले से आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की दिशा तय हो सकती है।




