नई दिल्ली 4 नवंबर 2025
हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद सुखद खबर आई है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने फ्लाइट टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब अगर कोई यात्री टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल करता है या उसमें बदलाव करता है, तो एयरलाइंस किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकेंगी। यह कदम उन हजारों यात्रियों को बड़ी राहत देने वाला है, जिन्हें अचानक प्लान बदलने पर भारी-भरकम कैंसिलेशन फीस की मार झेलनी पड़ती थी। नए नियमों से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की यात्राओं पर असर पड़ेगा और यात्रियों के अधिकारों को और मजबूत बनाया जाएगा।
DGCA के अनुसार यह निर्णय यात्रियों की लगातार बढ़ती शिकायतों को देखते हुए लिया गया है। अब तक की व्यवस्था में ऐसा होता था कि टिकट बुक करने के कुछ ही घंटों के भीतर बदलाव या कैंसिल करने पर भी एयरलाइंस मनमाने चार्ज वसूल लेती थीं, जिससे यात्रियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता था। खासकर तत्काल यात्रा की बुकिंग में, टिकट के साथ भावनाएँ भी फंस जाती थीं। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद एयरलाइंस यात्रियों को अधिक पारदर्शिता और लचीलापन उपलब्ध कराएंगी। इस बदलाव का मकसद यात्रियों के पैसे की सुरक्षा और एयरलाइंस की जवाबदेही बढ़ाना है।
DGCA ने हवाई सेवा प्रदाताओं को यह भी निर्देश दिया है कि यात्रियों को रिफंड समय पर मिले और किसी भी बहाने या देरी के लिए एयरलाइंस जिम्मेदार होंगी। कई मामलों में देखने को मिलता था कि यात्रा कैंसिल होने के बाद भी ग्राहकों को महीनों तक रिफंड नहीं मिलता था या उन्हें “क्रेडिट शेल” की मजबूरी थमा दी जाती थी। लेकिन अब नए प्रावधानों के तहत एयरलाइंस को तेजी से रिफंड जारी करना होगा और वह भी पारदर्शी तरीकों से। इससे टिकट बुक करने वालों को आर्थिक तनाव कम होगा और भरोसा बढ़ेगा।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से उड़ान सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। यात्रियों की संतुष्टि बढ़ेगी तो प्रतिस्पर्धा भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी। हालांकि, एयरलाइंस ऑपरेशनल लागत और राजस्व पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर थोड़ी चिंतित हैं, लेकिन यात्रा उद्योग के जानकार इसे लंबी अवधि में विकास को बढ़ावा देने वाला निर्णय मानते हैं। इससे न केवल यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि भारतीय एविएशन सेक्टर की साख भी मजबूत होगी।
नए नियम ऐसे समय में आए हैं जब घरेलू हवाई यात्राओं में लगातार तेजी देखी जा रही है। त्योहारों, वेकेशनों और बिजनेस ट्रिप्स में बढ़ोतरी के कारण एयर ट्रैफिक रिकॉर्ड स्तर पर है। ऐसे में यात्रियों को सुविधाजनक और उपभोक्ता-हितैषी प्रावधान देना सरकार की प्राथमिकता बन गई है।
इस महत्वपूर्ण कदम के बाद यह साफ हो गया है कि अब हवाई सफर सिर्फ आसमान की दूरी तय करने का नाम नहीं, बल्कि यात्रियों की सहजता और सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला एक संवेदनशील अनुभव भी बनता जा रहा है। DGCA के इस फैसले से भरोसे की उड़ान को नए पंख मिले हैं — और हवाई यात्रियों को यह कहने का मौका भी “अब टिकट कैंसिल करने से पहले जेब की चिंता नहीं होगी!”




