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चार दिन की छुट्टियों ने बदली नेपाल पर्यटन की तस्वीर, पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर उमड़ी रिकॉर्ड भीड़

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 31 मई 2026

नेपाल में लगातार चार दिनों की छुट्टियों ने पर्यटन उद्योग में नई जान फूंक दी है। देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है, जिससे होटल, रिसॉर्ट और होम-स्टे लगभग पूरी तरह भर चुके हैं। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में नेपाली और भारतीय पर्यटक पहाड़ी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं।

पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार बकरीद, गणतंत्र दिवस और सप्ताहांत की लगातार चार दिन की छुट्टियों ने घरेलू पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा दिया है। चितवन, पोखरा, पाल्पा, लुंबिनी और बर्दिया जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों में पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई है। विशेष रूप से पोखरा और अन्य ठंडे पहाड़ी क्षेत्रों में होटल क्षमता के करीब पहुंच चुके हैं।

पर्यटन उद्यमियों का कहना है कि अनुकूल मौसम, लगातार छुट्टियां और दोस्तों तथा परिवार के साथ घूमने की बढ़ती संस्कृति ने पर्यटन कारोबार को नई ऊर्जा दी है। नेपाल के तराई क्षेत्र जहां भीषण गर्मी झेल रहे हैं, वहीं पहाड़ी शहर गर्मी से राहत चाहने वालों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन गए हैं।

चितवन के सौराहा क्षेत्र में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली। काठमांडू निवासी सरोज पंत अपने परिवार के साथ हाथी सफारी का आनंद लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि चार दिनों की छुट्टी मिलते ही उन्होंने गर्मी से बचने और ठंडे मौसम का आनंद लेने के लिए यात्रा का निर्णय लिया।

चितवन नेशनल पार्क, जो नेपाल का पहला संरक्षित राष्ट्रीय उद्यान है, इस समय पर्यटकों से गुलजार है। पार्क प्रशासन के अनुसार अप्रैल-मई के बीच लगभग 29,740 पर्यटक यहां पहुंचे, जो सामान्य ऑफ-सीजन के मुकाबले काफी अधिक है। पार्क में जंगल सफारी, वन्यजीव दर्शन और हाथी सफारी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।

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पोखरा में भी भारतीय पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश और बिहार सहित भारत के कई राज्यों से परिवार और युवा समूह यहां पहुंच रहे हैं। भारतीय पर्यटक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर भारत की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पोखरा सबसे उपयुक्त स्थान साबित हुआ है।

पोखरा होटल एसोसिएशन के अनुसार शहर के अधिकांश होटलों में लगभग 90 प्रतिशत तक कमरे बुक हो चुके हैं। पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में किए गए प्रचार अभियानों का सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है।

पाल्पा जिले के ऐतिहासिक नगर तानसेन में भी होटल और रिसॉर्ट पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। कई होटलों ने अपनी वेबसाइटों पर “सोल्ड आउट” का बोर्ड लगा दिया है। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि लंबे समय बाद पर्यटन उद्योग में इतनी रौनक देखने को मिल रही है।

वहीं पश्चिमी नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क में भीषण गर्मी के बावजूद पर्यटकों की अच्छी आवाजाही बनी हुई है। यहां पर्यटक सुबह और शाम के समय जंगल सफारी तथा वन्यजीव अवलोकन का आनंद ले रहे हैं। पार्क प्रशासन के अनुसार वर्तमान में बर्दिया राष्ट्रीय उद्यान में लगभग 125 बाघ मौजूद हैं, जो इसे वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाता है।

लुंबिनी और भैरहवा जैसे गर्म क्षेत्रों में भी पांच सितारा होटलों ने विशेष पैकेज, स्विमिंग पूल कार्यक्रम और मनोरंजन गतिविधियां शुरू कर पर्यटकों को आकर्षित करने का प्रयास किया है। कई होटल भारतीय पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए विशेष अवकाश पैकेज पेश कर रहे हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू पर्यटन की बढ़ती संस्कृति नेपाल के पर्यटन उद्योग के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यदि यह रुझान जारी रहा तो पर्यटन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकता है।

नेपाल के पर्यटन व्यवसायियों को उम्मीद है कि आगामी मानसून सीजन और त्योहारी मौसम में भी पर्यटकों की संख्या इसी तरह बढ़ती रहेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को स्थायी लाभ मिलेगा।

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