नेशनल / अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 25 अप्रैल 2026
नेपाल में राजनीतिक हलचल उस वक्त तेज हो गई जब पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के वरिष्ठ नेता बिक्रम पांडे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी सार्वजनिक खरीद प्रणाली (पब्लिक प्रोक्योरमेंट सिस्टम) में कथित हैकिंग और टेंडर से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर के आरोपों के तहत की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े जांच अभियान का हिस्सा है, जिसमें सरकारी ठेकों की प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी। इस मामले की जांच सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (CIB) कर रहा है, जिसने पांडे को हिरासत में लिया।
CIB प्रमुख अतिरिक्त महानिरीक्षक मनोज केसी ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच अभी जारी है और कई अहम पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
इस मामले में पुलिस पहले ही छह अन्य लोगों को हिरासत में ले चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित नेटवर्क का मामला हो सकता है, जिसमें तकनीकी तरीके से सरकारी टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
बिक्रम पांडे न सिर्फ पूर्व मंत्री रह चुके हैं बल्कि राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के उपाध्यक्ष पद पर भी रहे हैं, ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को नेपाल की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।




