एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 23 फरवरी 2026
पूर्व सांसद के साथ कथित कस्टोडियल टॉर्चर के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए CID के DIG सुनील कुमार नाइक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी ने पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली, हिरासत में मानवाधिकारों की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
मामला उस समय सुर्खियों में आया जब पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की गई। शिकायत के बाद जांच तेज हुई और पर्याप्त सबूत मिलने पर जांच एजेंसियों ने DIG स्तर के अधिकारी को ही हिरासत में ले लिया, जो अपने आप में असाधारण और सिस्टम के भीतर जवाबदेही का संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों ने आरोपों को बल दिया, जिसके बाद CID के वरिष्ठ अधिकारी पर कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और कई अधिकारियों से पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम ने तूफान खड़ा कर दिया है। विपक्ष ने इसे “सत्ता के संरक्षण में पुलिसिया ज्यादती” करार देते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने हिरासत में होने वाली हिंसा पर कड़ी चिंता जताई है।
यदि आरोप साबित होते हैं तो यह मामला न सिर्फ व्यक्तिगत जवाबदेही तय करेगा बल्कि कस्टोडियल प्रोटोकॉल और पुलिस सुधारों पर व्यापक बहस को भी जन्म देगा। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। यह मामला इस बात की भी परीक्षा बन गया है कि कानून के रखवाले पर लगे आरोपों में न्यायिक प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष और पारदर्शी रहती है।




