एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली/दुबई | 1 मार्च 2026
मध्य पूर्व में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाओं पर पड़ा है। खाड़ी देशों के एयरस्पेस में बढ़ते खतरे और मिसाइल गतिविधियों की आशंका को देखते हुए दुनिया भर की कई प्रमुख एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं या वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया है। दुबई, दोहा, अबू धाबी, तेल अवीव और बेरूत जैसे बड़े हवाई अड्डों पर उड़ानों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे हजारों यात्री फंसे हुए हैं।
एयरलाइंस ने साफ किया है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कई उड़ानों को आखिरी समय में रद्द करना पड़ा, जबकि कुछ विमानों को उड़ान के दौरान ही रास्ता बदलकर अन्य देशों में उतारा गया। हवाई क्षेत्र के अस्थायी बंद होने और सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनियों के कारण उड़ान संचालन में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। एयरपोर्ट टर्मिनलों पर यात्रियों की लंबी कतारें और फ्लाइट सूचना बोर्ड पर “कैंसिल्ड” या “डिलेयड” की बढ़ती सूची इस संकट की गंभीरता को दिखा रही है।
यूरोप और एशिया की प्रमुख एयरलाइंस ने अपने शेड्यूल में व्यापक बदलाव की घोषणा की है। कुछ ने मध्य पूर्व के लिए सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं, जबकि अन्य ने वैकल्पिक हवाई मार्ग अपनाए हैं, जिससे यात्रा का समय बढ़ गया है। भारतीय एयरलाइंस भी इससे अछूती नहीं हैं। कई भारतीय उड़ानों को खाड़ी एयरस्पेस से बचाते हुए लंबा रूट लेना पड़ रहा है या अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है। इससे न केवल यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुई हैं, बल्कि विमानन उद्योग को आर्थिक नुकसान की आशंका भी बढ़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय विमानन पर इसका असर और गहरा हो सकता है। ईंधन लागत में वृद्धि, रूट डायवर्जन के कारण अतिरिक्त समय और परिचालन खर्च, तथा टिकट रिफंड और री-शेड्यूलिंग की प्रक्रिया एयरलाइंस के लिए चुनौती बन सकती है। साथ ही पर्यटन उद्योग और व्यापारिक यात्राओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
एयरलाइंस यात्रियों से लगातार अपील कर रही हैं कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। कई कंपनियों ने बिना अतिरिक्त शुल्क के टिकट बदलने या रिफंड की सुविधा दी है।
फिलहाल स्थिति अस्थिर बनी हुई है और सुरक्षा हालात के अनुसार उड़ान संचालन में बदलाव जारी है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय हालात तय करेंगे कि विमानन सेवाएं कब सामान्य हो पाएंगी।




