राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 29 अगस्त 2026
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के परिसर में संचालित पांच रेस्टोरेंट को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इन रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित करने का आदेश वापस लेने की बात कही है। अदालत ने FDA के अधिकारियों के रवैये को “पेडेंटिक के बजाय प्रैगमैटिक” यानी व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई। मामला बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित MCA परिसर में चल रहे पांच रेस्टोरेंट से जुड़ा था, जिनके संचालन पर FDA ने कथित खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी कमियों के साथ-साथ तीसरे पक्ष द्वारा संचालन से जुड़ी कुछ अनियमितताओं के आधार पर रोक लगाई थी। इसके बाद MCA ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और FDA के फैसले को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने पेश की गई नई निरीक्षण रिपोर्ट में इन रेस्टोरेंट को खाद्य सुरक्षा नियमों के मामले में 88 प्रतिशत तक अनुपालन में पाया गया। इसके बाद अदालत ने लाइसेंस निलंबन का आदेश हटा दिया, जिससे पांचों रेस्टोरेंट के दोबारा खुलने का रास्ता साफ हो गया।
FDA के आदेश पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने की। अदालत के सामने FDA की ओर से पेश की गई ताजा निरीक्षण रिपोर्ट में बताया गया कि MCA परिसर में संचालित पांचों रेस्टोरेंट खाद्य सुरक्षा नियमों के लिहाज से 88 प्रतिशत अनुपालन की स्थिति में हैं। इसी रिपोर्ट के बाद अदालत ने FDA के पहले के फैसले पर सवाल उठाया। अदालत ने अधिकारियों को संकेत दिया कि प्रशासनिक कार्रवाई करते समय केवल तकनीकी या बेहद कठोर दृष्टिकोण अपनाने के बजाय परिस्थितियों को व्यावहारिक तरीके से भी देखा जाना चाहिए। हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद FDA ने अदालत को बताया कि वह पांचों रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित करने संबंधी आदेश वापस लेगा। इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि अदालत ने खाद्य सुरक्षा के महत्व को नजरअंदाज किए बिना प्रशासनिक कार्रवाई की आनुपातिकता पर भी ध्यान दिया। यानी यदि किसी प्रतिष्ठान में कुछ कमियां पाई जाती हैं तो उन्हें दूर कराने और अनुपालन सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तथा सीधे संचालन रोक देने के बीच संतुलन जरूरी है।
MCA ने FDA के फैसले को दी थी चुनौती
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने FDA की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था। MCA परिसर में स्थित पांच रेस्टोरेंट के संचालन पर FDA ने निलंबन की कार्रवाई की थी। प्रशासन की ओर से खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कथित कमियों के अलावा तीसरे पक्ष द्वारा संचालन से संबंधित कुछ अनियमितताओं का भी हवाला दिया गया था। MCA का पक्ष था कि कार्रवाई के कारण परिसर में संचालित प्रतिष्ठानों का काम प्रभावित हो रहा है और FDA के आदेश को चुनौती दी जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान मामले की तस्वीर उस समय बदल गई जब FDA ने नई निरीक्षण रिपोर्ट अदालत के सामने रखी। रिपोर्ट में रेस्टोरेंट को खाद्य सुरक्षा नियमों के लिहाज से 88 प्रतिशत अनुपालन में पाया गया। इसके बाद अदालत ने पहले लगाए गए निलंबन को हटाने का रास्ता साफ कर दिया। इससे MCA परिसर में इन पांच रेस्टोरेंट के संचालन को फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई है।
88 प्रतिशत अनुपालन रिपोर्ट बनी अहम आधार
इस मामले में FDA की नई निरीक्षण रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण बिंदु बनकर सामने आई। अदालत के समक्ष पेश रिपोर्ट के अनुसार पांचों रेस्टोरेंट खाद्य सुरक्षा नियमों के 88 प्रतिशत अनुपालन में पाए गए। इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रतिष्ठानों में कोई कमी नहीं थी, बल्कि यह कि निरीक्षण में नियमों के अनुपालन का स्तर पहले की कार्रवाई के मुकाबले अधिक संतोषजनक पाया गया। अदालत के समक्ष इसी रिपोर्ट के आधार पर FDA के निलंबन आदेश को हटाया गया। खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है, लेकिन अदालत की टिप्पणी का केंद्र यह था कि प्रशासनिक कार्रवाई व्यावहारिक और परिस्थितियों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि कमियों को सुधारने की गुंजाइश मौजूद हो और प्रतिष्ठान अधिकांश निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हों, तो कार्रवाई की प्रकृति और उसकी गंभीरता पर भी विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, रेस्टोरेंट संचालकों के लिए यह राहत इस शर्त से अलग नहीं है कि उन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों का लगातार पालन करना होगा।
पांचों रेस्टोरेंट के दोबारा खुलने का रास्ता साफ
हाईकोर्ट के आदेश के बाद MCA परिसर में संचालित पांच रेस्टोरेंट के फिर से खुलने का रास्ता साफ हो गया है। FDA द्वारा लाइसेंस निलंबन आदेश वापस लेने की घोषणा के साथ ही इस विवाद का तत्काल प्रशासनिक पक्ष समाप्त होता दिखाई दे रहा है। हालांकि, खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन भविष्य में भी इन प्रतिष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। FDA जैसी नियामक एजेंसी की जिम्मेदारी खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जबकि अदालत ने इस मामले में कार्रवाई के तरीके और उसके अनुपात पर ध्यान दिया। ऐसे में यह फैसला केवल पांच रेस्टोरेंट को मिली राहत के तौर पर नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह भी बताता है कि नियामक कार्रवाई में नियमों के सख्त पालन के साथ व्यावहारिक दृष्टिकोण का संतुलन कितना महत्वपूर्ण है। आगे यदि नए निरीक्षण में गंभीर उल्लंघन सामने आते हैं तो संबंधित प्राधिकरण कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है।
हाईकोर्ट की टिप्पणी से प्रशासन के लिए बड़ा संदेश
बॉम्बे हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा सकता है। अदालत ने कथित तौर पर यह संकेत दिया कि नियमों को लागू करते समय केवल तकनीकी दृष्टिकोण पर्याप्त नहीं है, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों और सुधार की संभावना को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। पांच रेस्टोरेंट के मामले में नई निरीक्षण रिपोर्ट में 88 प्रतिशत अनुपालन सामने आने के बाद लाइसेंस निलंबन जारी रखने का औचित्य कमजोर हुआ और अदालत ने राहत प्रदान की। FDA द्वारा आदेश वापस लेने की घोषणा के बाद अब प्रतिष्ठानों के सामने अपनी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। साथ ही नियामक एजेंसी को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और स्पष्ट मानकों पर आधारित हो। फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा परिणाम यही है कि MCA परिसर के पांच रेस्टोरेंट पर लगा लाइसेंस निलंबन हट गया है और उनके दोबारा संचालन का रास्ता खुल गया है।




