नई दिल्ली 21 सितंबर 2025
महाराष्ट्र से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे राज्य और देश की राजनीति को हिला कर रख दिया है। कांग्रेस पार्टी ने एक निजी चैनल की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए BJP सरकार पर सीधा हमला बोला है। खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र के किसान संजय काकड़े ने सरकारी अधिकारियों के सामने ही कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने किसानों की बदहाली और प्रशासनिक अमानवीय रवैये को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला दिया है।
कहा जा रहा है कि गांव में सड़क निर्माण को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। BJP सरकार के अधिकारी गांव में पहुंचे और किसान संजय काकड़े से उसकी ही जमीन से सड़क निकालने की बात कही। जब किसान ने आपत्ति जताई और अपनी समस्या रखनी चाही, तो अधिकारियों ने उसकी बातें सुनने के बजाय उसे हड़काया और बार-बार अपमानित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसान संजय अधिकारियों के सामने लगातार गिड़गिड़ाता रहा कि उसकी जमीन ही उसकी रोज़ी-रोटी का साधन है, लेकिन किसी ने उसकी व्यथा सुनने की ज़रूरत नहीं समझी।
इस बेइज्जती और असहाय स्थिति से टूट चुके किसान संजय काकड़े ने वहीं खड़े होकर एक दर्दनाक कदम उठाया। अधिकारियों की मौजूदगी में ही उन्होंने कुएं में छलांग लगा दी और अपनी जान गंवा दी। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया। ग्रामीणों और किसानों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। लोग कह रहे हैं कि अगर सरकार और प्रशासन किसानों के साथ ऐसा व्यवहार करेगा, तो वे किससे न्याय की उम्मीद रखें।
कांग्रेस ने इस मामले को तुरंत उठाया और X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस ने लिखा – “BJP और नरेंद्र मोदी के राज में किसानों की यही दुर्दशा है, जहां उन्हें अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।” पार्टी का आरोप है कि सरकार किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें दबाव में ला रही है और प्रशासनिक तंत्र किसानों को अपमानित कर रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह घटना केवल एक किसान की आत्महत्या नहीं है, बल्कि यह किसानों के प्रति सरकार की संवेदनहीन नीतियों का खुला प्रमाण है।
इस दर्दनाक घटना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति और गरमाने के आसार हैं। विपक्ष BJP सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा, वहीं किसानों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज़ किए जाएंगे।





