एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 10 मार्च 2026
स्पीकर की निष्पक्षता पर विपक्ष ने उठाए सवाल
संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में माहौल उस समय गरमा गया जब विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर की भूमिका निष्पक्ष नहीं रही और सरकार के पक्ष में झुकाव साफ दिखाई देता है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि लोकसभा में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन समान रूप से नहीं हो रहा, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
‘माइक भी बन गया राजनीतिक हथियार’
विपक्ष के कई सांसदों ने सदन के अंदर और बाहर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकसभा में अब माइक भी एक “अस्त्र” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप है कि विपक्षी सांसदों के बोलते समय अक्सर माइक बंद कर दिया जाता है या उन्हें पूरा समय नहीं दिया जाता, जबकि सत्तापक्ष को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। विपक्ष का कहना है कि यह स्थिति संसद की गरिमा और पारदर्शिता के खिलाफ है।
अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी
विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर इस मुद्दे को औपचारिक रूप से सदन में उठाया जाएगा। विपक्ष का तर्क है कि स्पीकर का पद पूरी तरह निष्पक्ष और दलगत राजनीति से ऊपर होना चाहिए। यदि सदन के संचालन को लेकर लगातार शिकायतें आती हैं तो इस पर चर्चा होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
सत्तापक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि स्पीकर ने हमेशा नियमों के अनुसार सदन का संचालन किया है और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहा है। सत्तापक्ष का दावा है कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए स्पीकर को कई बार सख्त फैसले लेने पड़ते हैं।
संसद सत्र में बढ़ा राजनीतिक टकराव
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा ने संसद के मौजूदा सत्र को और अधिक राजनीतिक बना दिया है। पहले ही कई मुद्दों को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही और राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।




