नई दिल्ली 4 सितम्बर 2025
वोट चोरी और सत्ता पर कब्ज़ा कर अरबों की लूट
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता और AICC मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त से पूरे देश में एक ही नारा गूंज रहा है— “वोट चोर – गद्दी छोड़”। यह नारा महज़ नाराज़गी का प्रतीक नहीं, बल्कि हकीकत है। जनता का वोट चुराकर पिछले 11 साल से नरेंद्र मोदी सत्ता की कुर्सी पर बैठे हैं और इस दौरान न केवल वोट की चोरी हुई है, बल्कि जनता की जेब पर भी लगातार डाका डाला गया है।
एथेनॉल पर झूठे वादे और हकीकत
खेड़ा ने 2014 से अब तक के वादों को गिनाते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी और नितिन गडकरी ने दावा किया था कि म्यूनिसिपल वेस्ट से एथेनॉल बनाकर पेट्रोल 55 रुपये और डीजल 50 रुपये लीटर में मिलेगा। 2018 में गडकरी ने पांच प्लांट लगाने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक न तो एक भी प्लांट चालू हुआ और न ही म्यूनिसिपल वेस्ट से 1 लीटर एथेनॉल बना। हकीकत यह है कि अब तक बने 627 करोड़ लीटर एथेनॉल में 56% गन्ने और बाकी अनाज का इस्तेमाल हुआ है। पर्यावरण बचाने के नाम पर भी जनता से छल किया गया, क्योंकि 1 लीटर एथेनॉल बनाने में करीब 3,000 लीटर पानी बर्बाद होता है।
गडकरी परिवार का गुप्त साम्राज्य
कांग्रेस प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी और सारंग गडकरी की कंपनियां— Cian Agro Industries & Infrastructure Ltd और Manas Agro Industries & Infrastructure Ltd— एथेनॉल प्रोड्यूस करती हैं। पिता पॉलिसी बना रहे हैं और बेटे अरबों कमा रहे हैं। निखिल गडकरी की कंपनी का रेवेन्यू जून 2024 में मात्र 18 करोड़ था, जो जून 2025 में छलांग लगाकर 723 करोड़ हो गया। यही नहीं, जनवरी 2025 में कंपनी के शेयर की कीमत 37 रुपये थी जो अब बढ़कर 638 रुपये हो चुकी है— यानी 2184% की चौंकाने वाली वृद्धि।
रूस के तेल का खेल और जनता की ठगी
खेड़ा ने आगे खुलासा किया कि देश को बताया गया कि रूस से सस्ता कच्चा तेल आ रहा है, लेकिन उसका लाभ जनता को नहीं दिया गया। वह तेल मोदी के दोस्तों की रिफाइनरी में गया, फिर गडकरी के बेटों की कंपनी में पहुंचा जहां एथेनॉल मिक्स हुआ। इसके बाद दिल्ली में बैठे प्रधानमंत्री ने उस पर टैक्स जोड़ दिया और जनता को महंगे दामों पर तेल बेचा। यानी सस्ते तेल के नाम पर भी एक और बड़ा झूठ बोला गया और पूरी प्रक्रिया का लाभ केवल कुछ चुनिंदा परिवारों और दोस्तों तक ही सीमित रहा।
इंजन की बर्बादी और जनता की जेब पर चोट
मोदी सरकार ने दावा किया कि एथेनॉल से माइलेज बढ़ेगा और इंजन के रखरखाव की चिंता नहीं होगी। लेकिन नीति आयोग की रिपोर्ट में साफ कहा गया कि माइलेज में 6% की गिरावट आई है। 2023 से पहले बने इंजन एथेनॉल के साथ compatible नहीं हैं और लाखों वाहनों के इंजन डैमेज हो रहे हैं। जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो रही है, लेकिन सरकार अब E30 तक की बात कर रही है। नितिन गडकरी इसे पेट्रोलियम लॉबी का डर फैलाना बता रहे हैं, जबकि असलियत यह है कि लोग सड़कों पर नुकसान झेल रहे हैं।
किसानों और पर्यावरण का नुकसान
खेड़ा ने कहा कि एथेनॉल से किसानों को लाभ देने का दावा किया गया था, लेकिन ज़मीन पर हकीकत इसके उलट है। किसानों को कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिला। फायदा केवल गडकरी परिवार जैसे चुनिंदा लोगों को हुआ है। इतना ही नहीं, देश की सभी एथेनॉल डिस्टिलरी RED कैटेगरी में आती हैं, यानी यह सीधे तौर पर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। न किसान सुरक्षित हैं, न ही प्रकृति— दोनों को मोदी सरकार ने धोखे का शिकार बना दिया है।
कांग्रेस के पांच बड़े सवाल
अंत में पवन खेड़ा ने मोदी सरकार से पांच सीधे सवाल पूछे
- एथेनॉल से किसानों को कितना वास्तविक लाभ मिला?
- मिश्रण के बावजूद पेट्रोल-डीजल आज भी महंगा क्यों है?
- अगर E20 पब्लिक पॉलिसी है, तो इसका फायदा सिर्फ गडकरी के बेटों को ही क्यों हुआ?
- क्या प्रधानमंत्री अपने भतीजों और मंत्रियों के परिवारों पर जांच बैठाने की हिम्मत दिखाएंगे?
- 2014 से 2025 के बीच पेट्रोल-डीजल पर CESS से जुटाए गए 40 लाख करोड़ रुपये का हिसाब जनता को कब दिया जाएगा?
वोट चोर गद्दी छोड़
पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार का 11 साल का सफर झूठ, जुमलों और घोटालों की इबारत है। सत्ता पर काबिज लोग अपने परिवार और दोस्तों को अरबों का मुनाफा दिला रहे हैं, जबकि जनता महंगे तेल, टूटे इंजन, बर्बाद फसलों और बिगड़ते पर्यावरण का बोझ झेल रही है। यह लोकतंत्र नहीं, लूटतंत्र है। और यही कारण है कि आज देश की आवाज़ है—“वोट चोर – गद्दी छोड़”।




