एबीसी नेशनल न्यूज | चेन्नई | 3 मार्च 2026
तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) और उसके सहयोगी Indian National Congress (कांग्रेस) के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत तेज हो गई है। दोनों दल सार्वजनिक तौर पर इसे “सामान्य प्रक्रिया” बता रहे हैं, लेकिन अंदरखाने सीटों की संख्या को लेकर मतभेद साफ दिख रहे हैं।
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। 2021 के चुनाव में डीएमके ने कांग्रेस को 25 सीटें दी थीं और कांग्रेस ने उनमें अच्छा प्रदर्शन किया था। अब 2026 के चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुरुआत में 39 से 45 सीटों की मांग की थी। बाद में यह मांग घटाकर 33-35 सीटों तक लाई गई।
डीएमके की ओर से कांग्रेस को 25 सीटें, अधिकतम 28 सीटों तक और एक राज्यसभा सीट देने का प्रस्ताव रखा गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, डीएमके ने 3 मार्च तक निर्णय लेने को कहा था, क्योंकि 5 मार्च तक राज्यसभा की छह सीटों के लिए नामांकन की आखिरी तारीख है। यदि सहमति नहीं बनती, तो डीएमके अपने उम्मीदवार घोषित कर सकती है और एक सीट नए सहयोगी Desiya Murpokku Dravida Kazhagam (DMDK) को दे सकती है।
आज इस गतिरोध को सुलझाने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता P. Chidambaram और तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष K. Selvaperunthagai ने मुख्यमंत्री M. K. Stalin से उनके आवास पर मुलाकात की। बैठक में डीएमके सांसद Kanimozhi Karunanidhi की मौजूदगी की भी खबर है।
दोनों पक्षों ने बैठक को “सकारात्मक” बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हर चुनाव में सीटों को लेकर बातचीत होती है और गठबंधन में कोई दरार नहीं है। वहीं डीएमके ने दोहराया है कि वह बहुमत की सरकार बनाएगी और गठबंधन सरकार का सवाल नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह खींचतान सीटों की संख्या से ज्यादा भविष्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर है। कांग्रेस ज्यादा सीटें लेकर विधानसभा में अपनी ताकत बढ़ाना चाहती है, जबकि डीएमके अपने सहयोगियों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल दोनों दल गठबंधन टूटने से इनकार कर रहे हैं और समझौते की उम्मीद जता रहे हैं। आने वाले दिनों में सीटों के अंतिम बंटवारे पर स्थिति साफ होगी। यह फैसला न केवल तमिलनाडु की राजनीति, बल्कि व्यापक विपक्षी गठबंधन की एकता के लिए भी अहम माना जा रहा है।




