एबीसी नेशनल न्यूज | विएना | 4 मार्च 2026
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने स्पष्ट कहा है कि अब तक की जांच में ईरान द्वारा परमाणु हथियार बनाने के किसी संगठित कार्यक्रम का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। उन्होंने यह बयान उस समय दिया है जब अमेरिका और इज़राइल लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान गुप्त रूप से परमाणु हथियार विकसित कर रहा है।
राफेल ग्रोसी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक हैं। उन्होंने बताया कि एजेंसी के निरीक्षक नियमित रूप से ईरान के परमाणु ठिकानों का दौरा करते रहे हैं और तकनीकी जांच करते रहे हैं। अब तक की रिपोर्ट में ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो सके कि ईरान परमाणु बम बनाने की दिशा में संगठित तरीके से काम कर रहा है।
हालांकि ग्रोसी ने यह भी कहा कि एजेंसी निगरानी जारी रखेगी। उन्होंने पारदर्शिता और सहयोग पर जोर देते हुए कहा कि जांच की प्रक्रिया चलती रहेगी और किसी भी नई जानकारी का सावधानी से मूल्यांकन किया जाएगा। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तथ्यों के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। अमेरिका और इज़राइल का कहना है कि ईरान का कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण उद्देश्यों तक सीमित नहीं है। वहीं ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है और कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल ऊर्जा और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए है।
ग्रोसी के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस और तेज हो गई है। कुछ देश इसे तनाव कम करने वाला कदम मान रहे हैं, जबकि अन्य देशों का कहना है कि निगरानी और सख्त होनी चाहिए। फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले दिनों में एजेंसी की आगे की रिपोर्ट पर सबकी नजर रहेगी।




