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दिल्ली में दम घोंटती हवा: दिल, दिमाग और फेफड़ों तक पहुंच रही जहरीली गैस — एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के उपाय

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नई दिल्ली 3 नवंबर 2025

दिल्ली में हवा अब सिर्फ खराब नहीं, जानलेवा हो चुकी है। प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है और डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ फेफड़ों ही नहीं, बल्कि दिल और दिमाग तक को नुकसान पहुंचा रहा है। राजधानी में शनिवार को AQI 500 के पार दर्ज हुआ, जो ‘सीवियर’ कैटेगरी में आता है। इस जहरीली हवा के कारण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा, हार्ट डिजीज या डायबिटीज से पीड़ित लोगों में सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, सिरदर्द और आंखों में जलन जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।

एम्स के पल्मोनोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर रणदीप गुलेरिया का कहना है कि “दिल्ली की हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर (PM2.5 और PM10) इतना बारीक है कि यह फेफड़ों की गहराई में जाकर खून तक पहुंच जाता है। वहां से ये जहरीले तत्व दिल और दिमाग तक पहुंचकर हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और मेमोरी लॉस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक इस हवा के संपर्क में रहना कैंसर जैसी बीमारियों का भी कारण बन सकता है।

फोर्टिस हॉस्पिटल की कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नीना खन्ना ने बताया कि “प्रदूषण से दिल की धड़कनें अनियमित हो जाती हैं और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में हार्ट फेलियर का खतरा दोगुना हो जाता है।” वहीं, सफदरजंग अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार, “यह हवा बच्चों के मस्तिष्क विकास पर बुरा असर डाल रही है। जिन इलाकों में प्रदूषण ज्यादा है, वहां पढ़ाई करने वाले बच्चों की एकाग्रता और स्मरण शक्ति में गिरावट देखी जा रही है।”

प्रदूषण से बचाव के लिए जरूरी उपाय:

  1. घर से बाहर निकलने से पहले AQI जांचें — हवा की गुणवत्ता जानना जरूरी है ताकि आप अपनी दिनचर्या उसी के अनुसार तय कर सकें।
  1. सुबह की वॉक या आउटडोर एक्सरसाइज से बचें — प्रदूषण के चरम समय में सांस के जरिए जहरीले कण शरीर में जाने का खतरा बढ़ जाता है।
  1. N95 या N99 मास्क का उपयोग करें — यह सूक्ष्म कणों को रोकने में सबसे अधिक प्रभावी हैं और फेफड़ों की रक्षा करते हैं।
  1. घर में एयर प्यूरीफायर लगाएं और खिड़कियां बंद रखें — इससे इनडोर हवा को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलती है।
  1. तुलसी, अदरक, शहद और ग्रीन टी को डाइट में शामिल करें — ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और टॉक्सिन निकालने में सहायक हैं।
  1. फेफड़ों की सफाई के लिए स्टीम इनहेलेशन करें — भाप लेने से प्रदूषण के कारण जमे हुए कण बाहर निकलते हैं।
  1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं — यह शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और प्रदूषण के दुष्प्रभाव को कम करता है।

डॉक्टरों का कहना है कि इस समय सबसे अधिक खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। ऐसे में स्कूलों को छुट्टी देने और सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम जैसी नीतियां अपनाने की जरूरत है। पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो दिल्ली का आसमान और लोगों की सांस — दोनों धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे। “यह अब सिर्फ पर्यावरणीय संकट नहीं, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल है,” विशेषज्ञों ने कहा।

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