साजिद अली | कोलकाता 6 जनवरी 2026
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट से जुड़ी जांच के लिए नोटिस भेजा गया है। चुनाव आयोग ने शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ को कोलकाता में 9 से 11 जनवरी के बीच होने वाली वोटर वेरिफिकेशन सुनवाई में शामिल होने के लिए बुलाया है। यह प्रक्रिया 2026 के चुनावों से पहले चल रही विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (Special Intensive Revision) अभियान का हिस्सा है। चुनाव आयोग देशभर में वोटर लिस्ट को अपडेट करने का काम कर रहा है, ताकि डुप्लीकेट नाम, गलत पते और अन्य गड़बड़ियों को हटाया जा सके। इसी अभियान के तहत पश्चिम बंगाल में अब तक 58 लाख से ज़्यादा नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों में ज़्यादातर दिक्कतें पारिवारिक जानकारी और व्यक्तिगत विवरणों के मिलान से जुड़ी हैं।
मोहम्मद शमी लंबे समय से कोलकाता में रह रहे हैं और घरेलू क्रिकेट में बंगाल टीम के लिए खेलते हैं। बताया गया है कि शमी को पहले भी एक तारीख दी गई थी, लेकिन उस समय वे विजय हज़ारे ट्रॉफी में व्यस्त होने की वजह से उपस्थित नहीं हो पाए। अब उन्होंने तय तारीख पर जांच प्रक्रिया में शामिल होने की सहमति दे दी है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस तरह के नोटिस सिर्फ मोहम्मद शमी को ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रसिद्ध लोगों को भी भेजे गए हैं। इनमें अभिनेता दीपक अधिकारी (देव) जैसे नाम भी शामिल हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह पूरी प्रक्रिया नागरिकता की जांच नहीं, बल्कि केवल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि वोटर लिस्ट में दर्ज जानकारी सही और अद्यतन हो।
इस अभियान को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल भी उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और इससे लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि यह एक सामान्य और नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसका मकसद निष्पक्ष और साफ चुनाव सुनिश्चित करना है।
चुनाव आयोग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अपने वोटर रिकॉर्ड की जांच करें और अगर कोई गलती हो तो समय रहते उसे ठीक कराएं, ताकि चुनाव के समय किसी को परेशानी न हो।




