एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 26 फरवरी 2026
एनसीईआरटी से जुड़े विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने स्पष्ट किया है कि सरकार न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया सर्वोपरि है तथा अदालत के आदेशों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों और कुछ बदलावों को लेकर बहस और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के उद्देश्य से समय-समय पर पाठ्यक्रम में संशोधन होते रहते हैं, लेकिन यदि किसी मुद्दे पर न्यायालय ने निर्देश दिए हैं तो उनका सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के हित, अकादमिक गुणवत्ता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए सभी निर्णय लिए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार की भ्रांति को दूर करने के लिए संबंधित पक्षों से संवाद जारी है।
विवाद को लेकर विपक्षी दलों और कुछ शिक्षाविदों ने पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए हैं और इसे लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। वहीं सरकार का पक्ष है कि पाठ्यक्रम संशोधन एक नियमित शैक्षणिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य पाठ्यभार कम करना और शिक्षा को अधिक व्यावहारिक बनाना है। इस बीच अदालत की टिप्पणियों और निर्देशों के बाद मामले पर राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है।
शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य से जुड़े किसी भी निर्णय में संतुलन और संवेदनशीलता बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, डिजिटल संसाधनों के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल सभी की नजर अदालत की अगली सुनवाई और सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस दिशा में आगे बढ़ेगा।



