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भारत-नेपाल बॉर्डर पर जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़, नकली करेंसी बनाने वाला खास कागज और हथियार बरामद

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अंतरराष्ट्रीय/ नेपाल/ बिहार | प्रणव प्रियदर्शी | ABC NATIONAL NEWS | पश्चिम चंपारण | 26 अप्रैल 2026

भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां जाली नोटों के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज-सिकटा इलाके से जुड़ा है, जहां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग नेपाल की ओर से भारत में प्रवेश कर रहे हैं और उनके पास अवैध सामग्री हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और कंगली थाना क्षेत्र के भेड़िहरवा इलाके में घेराबंदी कर दी गई।

जैसे ही बाइक सवार संदिग्ध वहां पहुंचे, पुलिस को देखकर उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए पीछा किया और दो लोगों को पकड़ लिया। हालांकि इस दौरान एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गया, जिसकी तलाश अब भी जारी है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण के सुखलहिया गांव निवासी ज्वाला सिंह और सचिन कुमार के रूप में हुई है।

तलाशी के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली सामग्री मिली। ज्वाला सिंह के पास से एक लोडेड देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किया गया, जबकि उनके बैग से ऐसा विशेष प्रकार का कागज मिला है, जिसका इस्तेमाल जाली नोट छापने में किया जाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई सामान्य कागज नहीं है, बल्कि नकली करेंसी तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास “स्पेशल पेपर” है। इसके अलावा आरोपियों के पास से बाइक भी जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल वे इस अवैध गतिविधि में कर रहे थे।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह केवल नकली नोटों की सप्लाई ही नहीं करता, बल्कि खुद उन्हें तैयार करने के काम में भी शामिल हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच शुरू कर दी गई है, खासकर नेपाल के रास्ते होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। साथ ही यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि आगे की जांच में इस गिरोह से जुड़े और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।

भारत-नेपाल सीमा पर पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार बरामद “स्पेशल पेपर” ने जांच एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है, ताकि जाली नोटों के इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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