एबीसी नेशनल न्यूज | बेरूत/नई दिल्ली | 9 मार्च 2026
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच लेबनान की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि हाल के दिनों में इजराइल द्वारा लेबनान में की जा रही लगातार बमबारी और बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापन से संकेत मिल रहा है कि इस सैन्य अभियान के पीछे केवल तात्कालिक सुरक्षा कार्रवाई नहीं, बल्कि क्षेत्रीय समीकरणों को बदलने की व्यापक रणनीति भी हो सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में लगातार हमले हो रहे हैं, जिसके कारण हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। कई गांव लगभग खाली हो चुके हैं और बड़ी संख्या में नागरिक सुरक्षित क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों का कहना है कि विस्थापित परिवारों को अस्थायी शिविरों और सार्वजनिक भवनों में शरण दी जा रही है।
राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल की यह कार्रवाई लेबनान की सुरक्षा और राजनीतिक संरचना को प्रभावित कर सकती है। उनका कहना है कि लगातार सैन्य दबाव बनाकर इजराइल दक्षिणी सीमा क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहता है और इससे क्षेत्र की शक्ति संतुलन की स्थिति बदल सकती है।
लेबनान की सरकार और कई क्षेत्रीय संगठनों ने इन हमलों पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार हो रही बमबारी से नागरिक आबादी पर भारी असर पड़ रहा है और मानवीय संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। राहत एजेंसियों ने भी चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष जारी रहा तो बड़ी संख्या में लोग भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की कमी का सामना कर सकते हैं।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर बनाए हुए है। कई देशों और मानवीय संगठनों ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात केवल लेबनान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका प्रभाव पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है।
मध्य-पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल के बीच लेबनान में बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयासों से स्थिति को किस हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा और क्या क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए कोई ठोस पहल सामने आती है।




