नई दिल्ली / लेह, 27 सितम्बर 2025
कांग्रेस ने लद्दाख के प्रमुख पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और संचार प्रमुख जयराम रमेश ने कहा कि यह कार्रवाई लद्दाख में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और जनता के असंतोष से ध्यान भटकाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और बीजेपी ने लद्दाख के लोगों के साथ धोखा किया है और अब उनके जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाई जा रही है।
जयराम रमेश ने बयान में कहा, “इंडियन नेशनल कांग्रेस सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह गिरफ्तारी केवल इसलिए की गई है ताकि बीजेपी अपनी विफलताओं से ध्यान हटा सके। लद्दाख में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है और जीवन और संपत्ति की सुरक्षा खतरे में है। यह सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है।”
कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि 2020 के लेह हिल काउंसिल चुनावों में बीजेपी ने लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा देने का वादा किया था। “बीजेपी ने लद्दाख की जनता से किया गया यह वादा तोड़ा और अब बदले की भावना से हर आवाज़ को दबाने पर तुली है। उसने दावा किया था कि लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर स्वायत्तता दी जाएगी, लेकिन वास्तव में लद्दाख से लोकतंत्र का हर चिन्ह खत्म कर दिया गया है,” जयराम रमेश ने कहा।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का मामला नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रतीक है। जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार इन मुद्दों को केवल गिरफ्तारियां करके नहीं दबा सकती। “सरकार को तुरंत लद्दाख के लोगों से ईमानदारी और तत्परता के साथ बातचीत करनी चाहिए। उनके मुद्दों को सुलझाने का यही रास्ता है, न कि दमन का।”
विश्लेषकों का मानना है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी लद्दाख में राजनीतिक असंतोष को और भड़का सकती है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं, क्योंकि यह न सिर्फ लद्दाख की स्वायत्तता का सवाल है, बल्कि पूरे देश में लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों के संरक्षण का मामला है।




