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कांग्रेस : चुनाव आयुक्तों को कानून से मुक्त करने वाला BJP का बिल देश की लोकतांत्रिक सुरक्षा पर सवाल!

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केरल कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि देश के चुनाव आयुक्त, यहां तक कि सेवानिवृत्त आयुक्त भी, अब किसी भी कानून के दायरे से बाहर हो गए हैं। पार्टी ने यह सवाल उठाया कि अगर चाहा जाए तो राहुल गांधी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्यों केस नहीं कर सकते।

कांग्रेस ने BJP द्वारा दिसंबर 2023 में पास किए गए “The Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners Bill, 2023” के क्लॉज़ 16 का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून के अनुसार चुनाव आयुक्तों के खिलाफ उनके कार्यकाल के दौरान किए गए किसी भी अपराध या सिविल उल्लंघन के लिए कोई भी अदालत किसी भी समय कार्रवाई नहीं कर सकती। कांग्रेस का कहना है कि इस कानून के बाद, भारत के राष्ट्रपति को भी जो आपराधिक संरक्षण नहीं है, आयुक्तों को वही सुरक्षा मिल गई है।

पार्टी ने याद दिलाया कि 2014 तक देश में Uniform Criminal Code मौजूद था, लेकिन अब उसे हटा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वही बीजेपी, जो यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड की बात करती थी, उसने देश का पुराना आपराधिक कोड (1862 से लागू) समाप्त कर दिया। कांग्रेस ने कहा कि इस कानून के चलते मोदी, शाह और उनके समर्थक भी देश के कानून के दायरे से ऊपर हो गए हैं।

केरल कांग्रेस ने जनता से अपील की है कि वे इस कानून और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने के लिए जागें। पार्टी ने कहा, “लोगों ने इन्हें पहले भी अस्वीकार किया है, लेकिन वे नकली वोटों के सहारे सत्ता पर टिके हुए हैं। अब समय है उठ खड़े होने और विरोध करने का।”

आंदोलन की अपील:

केरल कांग्रेस ने सीधे जनता से अपील की है कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर आएं और इस कानून के खिलाफ विरोध दर्ज कराएं। पार्टी का मानना है कि लोकतंत्र तभी सुरक्षित रहेगा जब सभी संस्थाएँ कानून के दायरे में हों।

 

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