एबीसी नेशनल न्यूज | बोगोटा / वॉशिंगटन | 11 फरवरी 2026
65,000 टन ताज़ा फूल पर 10% शुल्क से चिंता
वैलेंटाइन डे के मौके पर फूलों की वैश्विक मांग चरम पर पहुंच जाती है और इसी सीजन में कोलंबिया ने 15 जनवरी से 9 फरवरी के बीच करीब 65,000 टन ताज़ा कटे फूल दुनिया भर में, खासकर अमेरिका के लिए, निर्यात किए। वैश्विक फूल निर्यात में कोलंबिया का स्थान केवल नीदरलैंड के बाद दूसरा है और अमेरिकी बाजार में उसकी हिस्सेदारी बेहद अहम मानी जाती है। हर साल इस समय कोलंबिया के हवाई अड्डों से गुलाब, कार्नेशन और अन्य सजावटी फूलों से भरे कार्गो विमानों की आवाजाही तेज हो जाती है।
साल की कमाई का बड़ा हिस्सा इसी सीजन पर निर्भर
फूल निर्यातकों के संगठन Asocolflores के मुताबिक, वैलेंटाइन सीजन पूरे साल की बिक्री का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा देता है। यानी कुछ ही हफ्तों में उद्योग की बड़ी कमाई तय हो जाती है। हजारों किसान, पैकिंग यूनिट्स और एयर-कार्गो सेवाएं इसी सीजन पर निर्भर रहती हैं। इस बार भी निर्यात का आंकड़ा मजबूत है, लेकिन उद्योग में उत्साह के साथ-साथ चिंता भी साफ दिखाई दे रही है।
10% अमेरिकी टैरिफ ने बढ़ाई मुश्किल
पिछले साल अप्रैल में अमेरिकी प्रशासन ने व्यापक व्यापारिक उपायों के तहत कोलंबियाई फूलों पर 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाया था। यह कदम तत्कालीन राष्ट्रपति Donald Trump की व्यापार नीति का हिस्सा था। उद्योग जगत का कहना है कि इस अतिरिक्त शुल्क ने लागत बढ़ा दी है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में दबाव पैदा किया है। निर्यातकों को या तो अपना मुनाफा कम करना पड़ रहा है या फिर अमेरिकी खरीदारों पर बढ़ी कीमतों का बोझ डालना पड़ रहा है।
अमेरिकी बाजार पर गहरी निर्भरता
कोलंबिया का फूल उद्योग लंबे समय से अमेरिकी बाजार पर निर्भर रहा है। वैलेंटाइन डे के दौरान अमेरिका में बिकने वाले गुलाबों और अन्य फूलों का बड़ा हिस्सा कोलंबिया से आता है। ऐसे में किसी भी टैरिफ या व्यापारिक बाधा का सीधा असर इस उद्योग पर पड़ता है। उद्योग प्रतिनिधियों का मानना है कि अगर शुल्क लंबे समय तक जारी रहता है, तो यह मांग और निर्यात दोनों को प्रभावित कर सकता है।
रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर
फूल उद्योग कोलंबिया की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। लाखों लोग सीधे या परोक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हैं—खासकर महिलाएं और छोटे किसान। वैलेंटाइन सीजन उनके लिए साल का सबसे अहम समय होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात में गिरावट या लाभ में कमी का असर सीधे रोजगार और आय पर पड़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिकी टैरिफ जारी रहता है, तो कोलंबियाई निर्यातकों को नए बाजार तलाशने होंगे या उत्पादन और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के उपाय अपनाने होंगे। फिलहाल उद्योग की नजर अमेरिकी उपभोक्ताओं की मांग पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि अतिरिक्त शुल्क के बावजूद इस वैलेंटाइन सीजन में बिक्री कितनी मजबूत रहती है।



