एबीसी डेस्क 7 दिसंबर 2025
उत्तर भारत में दिसंबर की दस्तक के साथ ही ठंड ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंजाब और हरियाणा में कड़ाके की ठंड के चलते Cold Alert जारी किया है। तापमान लगातार गिर रहा है, सुबह-शाम की ठिठुरन तेज़ महसूस हो रही है और कई जगहों पर शीतलहर जैसी स्थिति बन चुकी है। मैदानों में कोहरा भी बढ़ने लगा है, जिससे विज़िबिलिटी कम हो रही है और यातायात पर असर पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां हवा साफ़ और सूखी चल रही है।
पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और हरियाणा के हिसार, भिवानी, करनाल सहित कई ज़िलों में रात को तापमान सामान्य से 3–5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। दिन में भी ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर लगातार बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में चल रही उत्तर-पश्चिमी हवाएँ ठिठुरन की मुख्य वजह हैं। हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में कोहरे की मोटी चादर बिछने लगी है, जिससे सुबह के समय सड़क और रेल यातायात पर प्रभाव पड़ सकता है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस बीच कश्मीर घाटी में मौसम ने एक और करवट लेने की तैयारी कर ली है। IMD की भविष्यवाणी के मुताबिक, अगले कुछ दिनों के भीतर जम्मू–कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में मौसम का पहला बड़ा Western Disturbance सक्रिय होगा, जिससे मध्यम से भारी बर्फबारी की संभावना है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जैसे क्षेत्रों में ताज़ी बर्फबारी का अनुमान है। इसके साथ ही श्रीनगर समेत घाटी में दिन का तापमान और गिर सकता है। बर्फबारी के बाद सड़क मार्गों पर यातायात प्रभावित होने और ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा योजनाएं बनाने की अपील की है।
उत्तर भारत के मौसम में ये बदलाव सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेंगे। दिल्ली–एनसीआर, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी सर्दी तेज़ होने की संभावना है। दिल्ली में सुबह-शाम की ठंड बढ़ चुकी है और हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से हल्का कोहरा बनने लगा है। प्रदूषण और ठंडी हवा के मिश्रण ने वातावरण को और भारी बना दिया है, जिससे सांस संबंधी मरीजों को दिक्कत बढ़ सकती है। राजस्थान के गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में तापमान में गिरावट जारी है, जो आने वाले दिनों में और अधिक नीचे जा सकता है।
मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि 10 दिसंबर के बाद उत्तर भारत के बड़े हिस्से में ठंड अपने चरम की ओर बढ़ेगी। पंजाब–हरियाणा में शीतलहर का दायरा बढ़ सकता है, जबकि पहाड़ों पर बर्फबारी और रेन शैडो प्रभाव के चलते मैदानों में ठंडक और बढ़ेगी। किसान वर्ग के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण है क्योंकि ठंड का असर रबी फसलों पर पड़ सकता है। इसलिए विशेषज्ञों ने सिंचाई और फसल सुरक्षा के लिए समय पर कदम उठाने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, उत्तर भारत में सर्दी अब रंग जमाने लगी है—पंजाब–हरियाणा में शीतलहर जैसी स्थिति, दिल्ली–एनसीआर में ठिठुरन और कश्मीर में आसन्न बर्फबारी की चेतावनी ने मौसम को रोचक और चुनौतीपूर्ण दोनों बना दिया है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट तय मानी जा रही है, इसलिए लोगों को गर्म कपड़ों, हीटर और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सावधान रहना होगा।




