पटना 8 नवंबर 2025
बिहार में पहले चरण की वोटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट कहा है कि यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनेगी तो उनकी पार्टी लोक जनता शक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP(RV)) को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) का पद मिलना चाहिए। उन्होंने मीडिया को बताया, “अगर एनडीए की सरकार बनती है, तो मेरी पार्टी से डिप्टी सीएम बनेगा।” चिराग ने अपने बयान में यह भी कहा कि बड़ा पद-दावा तभी अर्थपूर्ण होगा जब गठबंधन में उनकी पार्टी का प्रदर्शन मजबूत हो। उन्होंने कहा कि अभी समय बहुत पहले है इन बातों पर चर्चा करने का, लेकिन यह स्पष्ट संकेत है कि उनकी पार्टी राज्य में सिर्फ गठबंधन की सीटों के लिए नहीं, बल्कि सत्ता हिस्सेदारी के लिए मैदान में है।
इस बयान को राजनीतिक विश्लेषकों ने राज्य सभा की आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति के रूप में देखा है — चिराग पासवान यह संकेत देना चाहते हैं कि LJP-RV को सिर्फ भागीदार नहीं बल्कि महत्वपूर्ण शक्ति केन्द्र माना जाना चाहिए। इसके तहत वे ‘डिप्टी सीएम’ की पंक्ति में खुद की पार्टी को स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले सरकार बने, उसके बाद पद-वितरण की बातें होंगी।
उनके इस दावे ने जेडीयू-भाजपा गठबंधन के अंदर भी हलचल मचा दी है, क्योंकि उपमुख्यमंत्री पद को लेकर पहले से ही कई दलों में उम्मीदें पली बढ़ रही थीं। चिराग का बयान इस मायने में महत्वपूर्ण है कि यह दिखाता है कि LJP-RV अब सिर्फ परंपरागत दलित वोट बैंक राजनीति से आगे निकलकर राज्य में सत्ता-समझौते और पद-हाथ पकड़ने की दिशा में काम कर रही है।
इस तरह, चिराग पासवान का यह बयान यह बताता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता-गठबंधन के भीतर पद-दाऊरी लड़ाई उतनी ही महत्वपूर्ण होगी जितनी सीट-बंटवारा। LJP-RV की आकांक्षाएँ जितनी स्पष्ट हो गई हैं, उतना ही चुनौतीभरा भी है कि गठबंधन के अन्य पार्टनर इस दावे को स्वीकार करें या न करें। इसके परिणाम राज्य की राजनीति की दिशा और गठबंधन की कार्यशैली दोनों पर असर डाल सकते हैं।




