
जब कार खरीदने का सवाल सिर्फ गाड़ी का नहीं, ज़िंदगी की प्राथमिकताओं का हो गया
आज का भारत बदल रहा है। और उसके साथ बदल रही है उसकी ज़रूरतें, सोच और सपनों की दिशा। 18 जनवरी 2025 को एक मध्यमवर्गीय परिवार की दुआओं से लेकर एक युवा प्रोफेशनल की योजना तक, सब कहीं न कहीं एक ही सवाल के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं — “कार खरीदनी है, लेकिन किसे चुनें?”
