
कहानियों की शक्ति: क्या मीडिया विकलांगता को ‘विषय’ नहीं, ‘शक्ति’ बना सकता है?
प्रोफेसर निपुणिका शाहिद, असिस्टेंट प्रोफेसर, मीडिया स्ट्डीज, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी दिल्ली NCR नई दिल्ली 19 अक्टूबर 2025 वैश्विक दृश्यता की कमी: कहानियों में भागीदारी बनाम वास्तविकता कहानियाँ समाज की चेतना को आकार देती हैं, पर प्रश्न यह है कि अरबों कहानियों के इस सागर में, उन 1.3 अरब लोगों की ज़िंदगी को









