अमरनाथ | मुंबई 28 दिसंबर 2025
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव जनवरी 2026 में होने हैं और उससे पहले ही सियासी बिसात पर बड़ा दांव चल दिया गया है। आज, 28 दिसंबर 2025 को महाराष्ट्र की राजनीति में दिन की सबसे बड़ी खबर यह रही कि कांग्रेस पार्टी और प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) ने औपचारिक रूप से गठबंधन का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही 227 सीटों वाली BMC में सीट बंटवारे को भी अंतिम रूप दे दिया गया है।
सीट बंटवारा तय: कांग्रेस आगे, VBA साझेदार
गठबंधन में सीटों का बंटवारा इस प्रकार तय हुआ है—
कांग्रेस: 165 सीटें
वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA): 62 सीटें
कुछ रिपोर्ट्स में कांग्रेस को 130 सीटें मिलने की चर्चा पुरानी या भ्रामक बताई जा रही है। मौजूदा समझौता 165–62 के फॉर्मूले पर आधारित है, जिसे दोनों दलों ने स्वीकार कर लिया है।
MVA से दूरी, नई रणनीति
यह गठबंधन ऐसे वक्त में सामने आया है जब कांग्रेस ने महा विकास आघाड़ी (MVA) से खुद को अलग कर लिया है। इसकी बड़ी वजह शिवसेना (UBT) और MNS के संभावित गठबंधन पर कांग्रेस का विरोध माना जा रहा है।
अब कांग्रेस ने VBA के साथ हाथ मिलाकर दलित–बहुजन और अल्पसंख्यक वोट बैंक को मज़बूती से साधने की रणनीति अपनाई है।
अन्य दलों की स्थिति: तस्वीर अभी अधूरी
NCP (शरद पवार गुट): पार्टी अलग से चुनाव लड़ सकती है या सीमित सीटों (10–15) पर समझौते की संभावना है, लेकिन फिलहाल कांग्रेस–VBA गठबंधन का हिस्सा नहीं है।
राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP – महादेव जानकर): कांग्रेस से बातचीत ज़रूर हुई है, लेकिन BMC में 25 सीटों के किसी ठोस समझौते की पुष्टि नहीं है।
शिवसेना (UBT) और MNS: दोनों का गठबंधन अलग राह पर है।
सत्ता पक्ष पहले ही तैयार
सत्ता पक्ष की बात करें तो महायुति (BJP + शिवसेना शिंदे गुट) ने पहले ही करीब 207 सीटों पर आपसी समझौता कर लिया है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
मुंबई की राजनीति में नया मोड़
कांग्रेस–VBA का यह गठबंधन मुंबई की सियासत में एक नया समीकरण खड़ा करता दिख रहा है। खासकर उन इलाकों में, जहां दलित, बहुजन और अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आएंगे, उम्मीदवारों की सूची और ज़मीनी रणनीति इस गठबंधन की असली परीक्षा तय करेगी।




