सरोज सिंह 4 नवंबर 2025
बिहार विधानसभा चुनाव के घमासान के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। खड़गे ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने न सिर्फ नीतीश कुमार को “हाइजैक” कर लिया है, बल्कि चुनाव के नतीजे आते ही पीएम मोदी, जेडीयू नेता को किनारे कर अपना कोई ‘पपेट’ यानी कठपुतली मुख्यमंत्री बनाने की साजिश रच चुके हैं। खड़गे के बयान ने बिहार की सियासत में हलचल बढ़ा दी है, जहां पहले ही गठबंधन समीकरण और नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पटना में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि नीतीश कुमार को यह समझ लेना चाहिए कि बीजेपी पर विश्वास करना राजनीतिक आत्महत्या है। खड़गे ने दावा किया कि बिहार में सत्ता का खेल बीजेपी ने अपने हाथ में ले लिया है और नीतीश सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री रह गए हैं। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जेडीयू सुप्रीमो अपने ही घर में “बंधक” बनाकर रख दिए गए हैं। उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा — “क्या बिहार की बागडोर किसी बाहरी रिमोट से चलेगी? क्या बिहार की जनता ‘चेले मुख्यमंत्री’ को बर्दाश्त करेगी?”
खड़गे ने पीएम मोदी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी की रणनीति पूरे देश में “क्षेत्रीय नेताओं को खत्म कर सत्ता पर एकछत्र नियंत्रण” कायम करने की है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कई बार पलटी मारकर अपने राजनीतिक सिद्धांतों से समझौता किया, लेकिन अब स्थितियाँ ऐसी हैं कि खुद प्रधानमंत्री पर उनका भरोसा उन्हीं के पतन का कारण बन जाएगा। खड़गे के अनुसार, यदि बीजेपी की स्क्रिप्ट के अनुसार सब कुछ हुआ, तो चुनाव परिणाम के तुरंत बाद नीतीश को किनारे किया जाएगा और उनकी जगह बीजेपी का वफादार नेता मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठा दिया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे “जनादेश की खुली चोरी” बताते हुए कहा कि बिहार में असली लड़ाई विकास और सम्मान की नहीं, बल्कि लालच और कुर्सी की राजनीति की बन चुकी है। उन्होंने रैली में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि बिहार की स्वाभिमान और राजनीतिक पहचान बचाने का सवाल है। खड़गे ने दावा किया कि जनता समझ चुकी है कि नीतीश कुमार अब जनता की नहीं, बल्कि दिल्ली की सत्ता की बात सुनते हैं। इसलिए बिहार को ऐसी सरकार चाहिए जो सिर्फ आदेश लेने की मशीन बनकर न रहे, बल्कि जनता की आवाज बनकर खड़ी हो।
विपक्ष का यह हमला उस वक्त आया है जब एनडीए गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों को लेकर लगातार चर्चा गर्म है। नीतीश कुमार पहले भी कई बार बीजेपी से अलग होकर विपक्ष के साथ खड़े हुए, लेकिन फिर सत्ता समीकरण में बदलाव होते ही भाजपा के साथ लौट आए। खड़गे ने इसी इतिहास को आधार बनाकर जनता को चेताया कि यह सिर्फ अवसरवाद नहीं, बल्कि बिहार की स्थिरता के खिलाफ सुनियोजित राजनीति है। जैसे-जैसे चुनाव का अंतिम दौर नजदीक आ रहा है, राजनीतिक वातावरण और भी गरमाता जा रहा है और नेताओं के शब्दों का ताप सीधे-सीधे मतदाताओं तक पहुंच रहा है।




