नई दिल्ली, 13 सितंबर 2025
नॉर्थईस्ट के विकास को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाज़ी छिड़ गई है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और बीजेपी नेता किरण रिजीजू ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नॉर्थईस्ट का रेलवे नक्शा पूरी तरह बदल गया है। वहीं, कांग्रेस ने इस दावे को “प्रचार” करार देते हुए करारा जवाब दिया है।
बीजेपी का दावा: कांग्रेस ने 24 साल तक किया नजरअंदाज
किरण रिजीजू ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 1990 में तत्कालीन रेल मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस ने मणिपुर तक रेलवे की बात की थी, लेकिन उसके बाद कांग्रेस सरकारों ने दशकों तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। रिजीजू के मुताबिक, नॉर्थईस्ट में रेलवे का असली कायाकल्प मोदी सरकार में हुआ है और यह दिन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है।
कांग्रेस का पलटवार: “प्रचार बेच रहे हैं रिजीजू”
बीजेपी के दावे पर कांग्रेस सांसद माणिकम टैगोर ने रिजीजू को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि सच यह है कि 2004 से 2014 तक यूपीए सरकार ने ही इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी और वित्तीय आवंटन किया। टैगोर ने कहा:
- 2008–09 में जिरीबाम–इंफाल रेल प्रोजेक्ट ₹3,500+ करोड़ की लागत से स्वीकृत हुआ।
- यूपीए के कार्यकाल में सालाना आवंटन लगातार बढ़ाया गया।
- 2014 तक जिरीबाम तक ब्रॉड गेज पहुँच चुका था।
- 11 सुरंगें और कई पुलों का काम निर्माणाधीन था।
- कांग्रेस सरकार तक लगभग ₹2,000 करोड़ खर्च हो चुके थे।
कांग्रेस का आरोप: “बीजेपी ने काम रोका, फिर अपना बताया”
कांग्रेस सांसद टैगोर ने आगे कहा कि 2014 से 2024 तक बीजेपी सरकार ने इस परियोजना को “धीमी रफ्तार” में डाल दिया। समय-सीमा कई बार बढ़ाई गई और कोई तत्परता नहीं दिखाई गई। अब 2024 के चुनावों के बाद बीजेपी सोशल मीडिया पर इस अधूरे काम को “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताकर प्रचार कर रही है। कांग्रेस ने कहा कि सच्चाई साफ है—दृष्टि, स्वीकृति और फंडिंग कांग्रेस ने दी थी; देरी और प्रचार बीजेपी का हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर तेज़ बहस
दोनों दलों के नेताओं के इस बयानबाज़ी ने सोशल मीडिया पर बहस को और तेज़ कर दिया है। कांग्रेस ने #FactsMatter और #VoteChori जैसे हैशटैग चलाए, जबकि बीजेपी समर्थकों ने मोदी सरकार को “नॉर्थईस्ट के असली मसीहा” बताना शुरू कर दिया।




