परवेज खान | भोपाल | 11 जनवरी 2026
मध्य प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए आखिरकार अच्छे दिन आए हैं। लंबे समय से जिस एरियर का इंतज़ार किया जा रहा था, उस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने साफ फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को आदेश दिया है कि कर्मचारियों को उनका पूरा बकाया एरियर तुरंत दिया जाए। इस फैसले से कर्मचारियों को सीधी राहत मिली है, भले ही सरकार पर करीब 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
दरअसल, कई सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन बढ़ोतरी और उससे जुड़ा लाभ नहीं मिला था। इसी वजह से उनका एरियर सालों से अटका हुआ था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब कर्मचारियों को एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, एक कर्मचारी को औसतन 1.5 से 2 लाख रुपये तक मिल सकते हैं, जबकि कुछ कर्मचारियों के हिस्से में यह रकम 3.55 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। कई कर्मचारियों के लिए यह राशि किसी बड़ी राहत या बोनस जैसी है।
यह मामला लंबे समय से अदालत में चल रहा था। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार ने नियमों के अनुसार मिलने वाला उनका पैसा बिना किसी ठोस कारण के रोक लिया था। अदालत ने कर्मचारियों की बात से सहमति जताते हुए साफ कहा कि सरकारी कर्मचारी भी अपने हक के हकदार हैं और उनका पैसा रोकना गलत है। इसलिए सरकार को यह बकाया राशि देना ही होगी।
फैसले के बाद राज्य के अलग-अलग विभागों में काम कर रहे कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कई कर्मचारी कह रहे हैं कि इस पैसे से वे बच्चों की पढ़ाई, घर के खर्च, पुराने कर्ज और दूसरी ज़रूरतें पूरी कर पाएंगे। लंबे समय से आर्थिक दबाव झेल रहे परिवारों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।
वहीं सरकार के लिए यह फैसला आर्थिक रूप से चुनौती जरूर है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद इसे लागू करना उसकी मजबूरी भी है। अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार कब तक प्रक्रिया पूरी कर उनके खातों में एरियर की रकम भेजती है। इस फैसले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों से समझौता नहीं किया जा सकता।




