शिक्षा/न्यायालय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | पटना | 9 जून 2026
बिहार के चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर फैजल खान उर्फ खान सर को पटना की एक स्थानीय अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना से जुड़े मामले में उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। वहीं, इसी मामले में गिरफ्तार किए गए प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के संचालक और शिक्षक रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।
यह मामला 2 जून 2026 की रात पटना स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग की घटना से जुड़ा है, जिसने राज्य की शिक्षा और कोचिंग दुनिया में व्यापक चर्चा पैदा कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और कई लोगों से पूछताछ की गई थी।
मामले में अपना पक्ष रखते हुए खान सर की ओर से उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार महुअर ने पटना जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया। अदालत के इस फैसले को खान सर के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।
हालांकि, मामले में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया जब अदालत ने प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। रौशन आनंद को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत के इस निर्णय को जांच एजेंसियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे मामले की आगे की जांच प्रभावित हो सकती है।
गौरतलब है कि फायरिंग की घटना के बाद से ही पटना के कोचिंग जगत में तनाव का माहौल बना हुआ है। खान सर देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों और ऑनलाइन एजुकेशन कंटेंट क्रिएटर्स में गिने जाते हैं। उनके लाखों छात्र सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से उनसे जुड़े हुए हैं। ऐसे में इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।
सूत्रों के अनुसार, अग्रिम जमानत याचिका दाखिल किए जाने के बाद से खान सर सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे और उनके बारे में कहा जा रहा था कि वे पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। हालांकि उनके वकील लगातार अदालत में उनका पक्ष रख रहे थे और गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग कर रहे थे।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि गिरफ्तारी पर रोक का अर्थ यह नहीं है कि खान सर को मामले से पूरी तरह राहत मिल गई है। पुलिस जांच जारी रहेगी और अदालत में आगे की सुनवाई के आधार पर मामले की दिशा तय होगी। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो न्यायालय आगे आवश्यक आदेश जारी कर सकता है।
दूसरी ओर, रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज होने से यह संकेत भी मिला है कि अदालत फिलहाल मामले को गंभीरता से देख रही है। जांच एजेंसियां घटना के पीछे के कारणों, संभावित साजिश और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
इस पूरे घटनाक्रम पर शिक्षा जगत, छात्रों और राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही से यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल इतना तय है कि खान सर को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, जबकि मामले के दूसरे प्रमुख आरोपी रौशन आनंद को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। अब अगली सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।




