नई दिल्ली 5 अक्टूबर 2025
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आई भयंकर बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। विशेषकर दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल क्षेत्र में हालात बेहद भयावह बताए जा रहे हैं, जहां कई लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों अब भी लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच एक पुल के ढह जाने से जन-धन की हानि और बढ़ गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस आपदा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा,“मैं पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से अत्यंत व्यथित हूं। दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल क्षेत्रों में कई लोगों की जान चली गई है, और एक पुल के गिरने से हालात और बिगड़ गए हैं। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और आशा करता हूं कि प्रभावितों को शीघ्र और पर्याप्त मुआवजा मिले।”
उन्होंने केंद्र सरकार से राहत कार्यों में तेजी लाने और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की अतिरिक्त टीमों को तुरंत भेजने की मांग की।
खड़गे ने कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे प्रभावित इलाकों में पहुँचकर हर संभव मदद करें और प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों को मजबूत बनाएं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी इस आपदा पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल और सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई लोगों की मौत और कई अन्य के लापता होने की खबर बेहद दुखद है। मैं प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और लापता लोगों के जल्द सुरक्षित मिलने की आशा करता हूं।”
राहुल गांधी ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्यों को “युद्धस्तर पर तेज़ी” से चलाने की अपील की, साथ ही केंद्र सरकार से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे “मानवीय संवेदना और एकजुटता की भावना” के साथ मैदान में उतरें और हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाएं।
बंगाल और सिक्किम में फिलहाल भारी बारिश, बिजली कटौती, सड़क संपर्क टूटने और संचार व्यवस्था बाधित होने की खबरें लगातार आ रही हैं। राहत एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन लगातार बचाव कार्यों में जुटे हैं, लेकिन खराब मौसम राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बना हुआ है।
इस बीच कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की है कि आपदा प्रभावित इलाकों को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित किया जाए ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में कोई देरी न हो।




