अमरनाथ प्रसाद | मुंबई 3 जनवरी
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफिजुर रहमान के IPL में खेलने को लेकर उठ रहे सवालों पर साफ़ और संतुलित बयान दिया है। BCCI ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बांग्लादेश भारत का दुश्मन देश नहीं है और खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। बोर्ड का कहना है कि IPL एक पेशेवर लीग है, जहाँ खिलाड़ियों की भागीदारी नियमों, अनुबंधों और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नियमों के तहत तय होती है, न कि राजनीतिक बहसों के आधार पर।
खेल और राजनीति को अलग रखने की ज़रूरत: BCCI
BCCI के सूत्रों के मुताबिक, IPL की आत्मा यही है कि दुनिया भर के खिलाड़ी एक मंच पर आकर क्रिकेट खेलें। बोर्ड ने यह भी कहा कि मुस्तफिजुर रहमान पहले भी IPL में खेल चुके हैं और उनका प्रदर्शन हमेशा पेशेवर रहा है। ऐसे में उनके खेलने को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना खेल की भावना के खिलाफ है। BCCI ने दोहराया कि जब तक किसी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय या घरेलू नियमों के तहत खेलने से रोका नहीं गया है, तब तक उसे अवसर देने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।
मुस्तफिजुर रहमान: एक प्रोफेशनल खिलाड़ी
मुस्तफिजुर रहमान बांग्लादेश के अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके तेज़ गेंदबाज़ हैं। IPL में उन्होंने पहले भी कई टीमों के लिए अहम योगदान दिया है। बोर्ड का मानना है कि खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन, फिटनेस और टीम की ज़रूरतों के आधार पर आंका जाना चाहिए, न कि उनके देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर। BCCI ने यह भी संकेत दिया कि IPL फ्रेंचाइज़ियों को अपने खिलाड़ियों के चयन में पूरी स्वतंत्रता है, बशर्ते वे नियमों का पालन करें।
सोशल मीडिया विवादों पर भी संकेत
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर मुस्तफिजुर रहमान की IPL भागीदारी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली थीं। इस पर BCCI का रुख साफ़ है कि सोशल मीडिया की भावनात्मक बहसें नीति तय नहीं करतीं। बोर्ड ने अप्रत्यक्ष रूप से यह संदेश दिया कि खेल को जोड़ने वाला माध्यम बनना चाहिए, न कि देशों के बीच दूरी बढ़ाने का ज़रिया।
IPL की पहचान: वैश्विक मंच
BCCI ने यह भी याद दिलाया कि IPL आज सिर्फ़ भारत की लीग नहीं, बल्कि एक वैश्विक क्रिकेट मंच है। इसमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसे कई देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। यही विविधता IPL की ताकत है और यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे लोकप्रिय T20 लीग माना जाता है।
BCCI के बयान से यह साफ़ हो गया है कि बोर्ड खेल को राजनीति से ऊपर रखता है। “बांग्लादेश दुश्मन देश नहीं है” कहकर BCCI ने न सिर्फ़ मुस्तफिजुर रहमान के IPL खेलने पर स्थिति स्पष्ट की है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि क्रिकेट का मकसद जोड़ना है, बाँटना नहीं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि IPL में मुस्तफिजुर रहमान को कौन-सी भूमिका मिलती है और वह मैदान पर अपने प्रदर्शन से कैसे जवाब देते हैं।




