एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान / वाशिंगटन | 1 मार्च 2026
ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत को लेकर जो जानकारी सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। सरकारी सूत्रों और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 28 फरवरी 2026 की रात तेहरान में उनके उच्च सुरक्षा वाले कंपाउंड में एक अहम बैठक चल रही थी। इस बैठक में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, सुरक्षा सलाहकार और कुछ राजनीतिक रणनीतिकार मौजूद थे। बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय हालात और संभावित जवाबी रणनीति पर चर्चा हो रही थी, तभी अचानक तेज धमाकों की आवाज से पूरा परिसर दहल उठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ ही सेकंड के अंदर आसमान में धमाके की गूंज सुनाई दी और कंपाउंड के मुख्य भवन को सीधा निशाना बनाया गया। हमला इतना सटीक और तेज था कि वहां मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। शुरुआती अफरातफरी के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया। एंबुलेंस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बाद में ईरान के सरकारी प्रसारण नेटवर्क Islamic Republic of Iran Broadcasting और समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency ने आधिकारिक पुष्टि की कि खामेनेई की मौत हो चुकी है।
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इस हमले में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए। हालांकि ईरान ने सभी नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि सुरक्षा ढांचे को बड़ा झटका लगा है। हमले को संयुक्त अमेरिकी-इजरायली एयरस्ट्राइक बताया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे “आवश्यक कार्रवाई” करार दिया, जबकि इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में उठाया गया।
खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे और लगभग चार दशकों तक देश की सत्ता के शीर्ष पर रहे। सेना, न्यायपालिका, गार्जियन काउंसिल और विदेश नीति पर अंतिम फैसला उन्हीं का होता था। ऐसे में उनकी मौत केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि पूरे सत्ता ढांचे में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। तेहरान, मशहद और क़ुम जैसे शहरों में बड़े पैमाने पर शोक सभाएं हो रही हैं। सड़कों पर भारी सुरक्षा तैनात है और इंटरनेट सेवाओं पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस बीच ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की खबरें भी सामने आई हैं। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने बयान जारी कर कहा है कि “खून का बदला लिया जाएगा।” इजरायल के कई शहरों में सायरन बजने और मिसाइल इंटरसेप्शन की खबरें आई हैं। खाड़ी क्षेत्र के अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल उत्तराधिकार का है। ईरान के संविधान के मुताबिक Assembly of Experts नया सर्वोच्च नेता चुनेगी। खामेनेई के बेटे Mojtaba Khamenei का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, लेकिन अंतिम फैसला धार्मिक नेतृत्व और शक्तिशाली सुरक्षा प्रतिष्ठान के बीच संतुलन से तय होगा।
तेल बाजारों में उछाल, शेयर बाजारों में गिरावट और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अगर यह टकराव बढ़ता है तो इसका असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर तेहरान और वाशिंगटन पर टिकी है।




