ओपिनियन: मालेगांव ब्लास्ट पर सवाल — क्या ऐसे किसी को भी बरी किया जा सकता है?
नई दिल्ली 16 सितम्बर 2025 2008 का मालेगांव ब्लास्ट भारतीय लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के सामने आज भी एक खुला ज़ख्म है। उस धमाके में निर्दोष लोगों की जान गई, परिवार तबाह हुए, और पूरे देश में दहशत का माहौल फैला। ऐसे मामले में जब अदालत यह कहती है कि “हर कोई अपील नहीं कर…
