खतरनाक मोड़ पर भारत: संकीर्ण राष्ट्रवाद की आग में झुलस रहा लोकतंत्र, नेहरू की ऐतिहासिक चेतावनी आज भी प्रासंगिक
एबीसी डेस्क 4 दिसंबर 2025 भारत आज एक ऐसे दौर में प्रवेश कर चुका है, जहाँ संकीर्ण राष्ट्रवाद की आँधी ने लोकतंत्र, संविधान और नागरिक चेतना की जड़ों को हिलाना शुरू कर दिया है। विडंबना यह है कि जो जवाहरलाल नेहरू अपनी अंतिम साँस तक सांप्रदायिकता के ख़िलाफ़ लड़ते रहे, आज उन्हीं के नाम का…
