ओपिनियन | व्यापम की छाया में नैतिकता का उपदेश: मनरेगा पर शिवराज का बयान पाखंड क्यों लगता है
आलोक कुमार | नई दिल्ली | 4 जनवरी 2026 जिस राज्य में व्यापम जैसा संगठित घोटाला सामने आया—जहां भर्ती और परीक्षाओं की दलाली ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को भीतर तक खोखला कर दिया, और जहां इस घोटाले से जुड़े मामलों में 100 से अधिक लोगों की रहस्यमय मौतें दर्ज हुईं—उसी राज्य के सबसे लंबे समय…
