एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 5 मार्च 2026
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण पूरी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई है। पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है। इसी बीच अमेरिका ने सोने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील कर ली है, जिससे बाजार में नई हलचल पैदा हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के लिए वेनेजुएला की सरकारी खनन कंपनी मिनरवेन (Minerven) ने एक अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग कंपनी के साथ समझौता किया है। इस समझौते के तहत 650 से 1000 किलोग्राम तक सोने की आपूर्ति अमेरिकी बाजारों के लिए की जाएगी। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से इस सोने की कीमत करोड़ों डॉलर में बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया में युद्ध या राजनीतिक संकट के समय निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है।
अमेरिका-वेनेजुएला के बीच हुई यह गोल्ड डील भी बाजार के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे वैश्विक सोना कारोबार में नई गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि फिलहाल युद्ध की आशंका और वैश्विक अस्थिरता के कारण सोने की कीमतों पर तेजी का दबाव बना हुआ है।
भारत में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव यहां के बाजारों पर पड़ता है। घरेलू बाजार में सोने के दाम लगातार ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जिससे शादी-विवाह और निवेश के लिए सोना खरीदना महंगा पड़ रहा है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका असर भारत जैसे देशों में महंगाई और आम लोगों की जेब पर भी पड़ सकता है। फिलहाल वैश्विक बाजार की नजर ईरान-अमेरिका के हालात और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों पर टिकी हुई है।




