राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 26 मार्च 2026
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि एक कथित सीडी, जिसे लेकर पहले भी राजनीतिक विवाद उठ चुका है, उसे लेकर वर्षों से जांच नहीं हो रही है। लांबा ने सवाल उठाया कि आखिर 2015 में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई इस सामग्री पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई और किसके दबाव में इसे रोका गया है।
उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने विधानसभा में इस सीडी से जुड़े गंभीर आरोपों का उल्लेख किया था। लांबा ने यह भी कहा कि लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी अलग-अलग मंचों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सवाल उठा चुके हैं, लेकिन इन मुद्दों पर पार्टी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया।
अलका लांबा ने ‘एपस्टीन फाइल्स’ का भी जिक्र करते हुए दावा किया कि इसमें भारत के कुछ नेताओं के नाम होने की चर्चा है, लेकिन इस पर भी कोई खुली बहस नहीं हो रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात की बात कही थी, और पूछा कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा क्यों नहीं हो रही।
महिला सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए लांबा ने कई मामलों का हवाला दिया और आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं और उनसे जुड़े लोगों पर लगे गंभीर आरोपों के बावजूद पार्टी ने सख्त कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कुलदीप सिंह सेंगर, बृजभूषण शरण सिंह और संदीप सिंह जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं में पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हुई और राजनीतिक संरक्षण के आरोप लगे।
उन्होंने धार्मिक गुरुओं से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए गुरमीत राम रहीम और आसाराम के संदर्भ में भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे लोगों को बार-बार राहत मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लांबा ने आरोप लगाया कि चुनावी फायदे के लिए ऐसे विवादित व्यक्तियों का इस्तेमाल किया जाता है।
इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक, उत्तराखंड, गोवा और हिमाचल प्रदेश से जुड़े कुछ मामलों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के कई मामलों में सत्ता पक्ष की भूमिका पर सवाल उठे हैं। लांबा ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और सरकार को चुप्पी तोड़नी चाहिए।
इन आरोपों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और बीजेपी की ओर से इन बयानों पर प्रतिक्रिया आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल, यह मामला राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।




