लखनऊ 28 सितंबर 2025
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा आरोप लगाया है कि वह जानबूझकर सरकारी सेवाओं की कार्यक्षमता गिरा रही है, जिससे जनता का भरोसा खत्म हो रहा है। अखिलेश ने मीडिया से बातचीत में यह हमला करते हुए कहा कि शिक्षा से स्वास्थ्य तक हर क्षेत्र में योगी सरकार ने “नीतिग्रस्त क्षति” कर दी है, और इसका मकसद ही सरकारी व्यवस्था को ढहाना है ताकि जनता पूरी तरह से बीजेपी पर निर्भर हो जाए।
अखिलेश ने कहा, “जब सरकार सेवा नहीं देगी, तब जनता भागेगी निजी अस्पतालों और निजी स्कूलों की ओर, और फिर बीजेपी कहेगी कि ‘देखिए, सरकार छोड़कर जनता क्या चाहती है’। यही उनकी रणनीति है।” उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरियों की भर्ती प्रक्रियाएँ तंत्रगत गड़बड़ियों के शिकार हैं, पदस्थापना और तबादलों में पक्षपात हो रहा है और रिज़र्वेशन का अधिकार कमजोर किया जा रहा है। ऊपर से, उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की हालत बदहाल है — स्कूलों में टीचर्स की कमी, परीक्षाओं का विवादित प्रबंधन और सुविधाएँ अधूरी हैं।
उनका मानना है कि ये सब सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र को ज़मीनी रूप से कमजोर करने की रणनीति है — ताकि विपक्ष पर दबाव बढ़े और जनता यह कहे कि सिस्टम छोड़ कर सरकार ही बेहतर विकल्प है। अखिलेश ने चेतावनी दी कि यदि योगी सरकार ऐसी गड़बड़ियों को सुधारने की ओर नहीं आएगी, तो आगामी चुनाव में जनता से जवाब मिलेगा।
बीजेपी की ओर से अभी इस आरोप पर औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बीजेपी समर्थक मीडिया चैनलों में पहले ही अखिलेश के दावों को विपक्षी बयानबाज़ी कहा जा रहा है। लेकिन इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है — और योगी सरकार को अब सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति पर खुलकर जवाब देना होगा।




