मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान शुक्रवार सुबह बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बारामती रनवे पर सुबह के समय खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण समस्या उत्पन्न हुई।
सूत्रों के अनुसार, विमान को खराब दृश्यता के कारण पहले हवा में एक चक्कर लगाना पड़ा। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने विमान को लैंडिंग की अनुमति दे दी। हालांकि, ATC से इजाजत मिलने के बावजूद पायलट की ओर से कोई ‘रीड-बैक’ या पुष्टि संदेश नहीं आया।
कुछ ही क्षणों बाद विमान रनवे के किनारे क्रैश हो गया और उसमें भीषण आग लग गई। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और अधिकारी दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री का बयान और आखिरी 26 मिनट की कहानी
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विमान खराब दृश्यता (Low Visibility) के बीच लैंडिंग का प्रयास कर रहा था।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जारी आधिकारिक बयान में ‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के ‘लियरजेट 45’ विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले के आखिरी 26 मिनट का विस्तृत विवरण दिया है। मंत्रालय के अनुसार, यह दुखद हादसा दो प्रमुख कारणों से हुआ:
- खराब मौसम और कम दृश्यता (Low Visibility)
- लैंडिंग के अंतिम क्षणों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूटना
मंत्रालय द्वारा जारी टाइमलाइन से पता चलता है कि विमान के क्रैश होने से पहले के 26 मिनट बेहद महत्वपूर्ण थे और इस दौरान कई घटनाक्रम सामने आए।
आखिरी 26 मिनट: विमान दुर्घटना की पूरी टाइमलाइन
सुबह 8:18 बजे – पहला संपर्क: विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से पहला संपर्क स्थापित हुआ। ATC ने पायलट को मौसम की स्थिति देखते हुए अपने विवेक से ‘विजुअल मेटियोरोलॉजिकल कंडीशन’ (VMC) में लैंडिंग करने की सलाह दी।
8:20-8:40 बजे – पहला लैंडिंग प्रयास विफल: खराब दृश्यता (Low Visibility) के कारण पायलट को पहले प्रयास में रनवे नजर नहीं आया। इसलिए पायलट ने ‘गो-अराउंड’ (हवा में चक्कर लगाने) का निर्णय लिया।
सुबह 8:43 बजे – रनवे दिखाई दिया: पायलट ने ATC को सूचित किया कि रनवे अब दिखाई दे रहा है। इसके तुरंत बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को रनवे 11 पर उतरने की अनुमति (Landing Clearance) दे दी।
8:43 बजे – संपर्क टूटा: ATC से लैंडिंग की मंजूरी मिलने के बाद पायलट की ओर से कोई ‘रीड-बैक’ (पुष्टि संदेश) नहीं आया। यह आखिरी बार था जब विमान से कोई संपर्क हुआ।
सुबह 8:44 बजे – विमान दुर्घटनाग्रस्त: एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने रनवे के किनारे भीषण आग की लपटें देखीं। विमान क्रैश हो चुका था।
बारामती एयरपोर्ट: अनियंत्रित हवाई क्षेत्र की खासियत
बारामती एयरपोर्ट एक ‘अनियंत्रित हवाई क्षेत्र’ (Uncontrolled Airspace) के तहत संचालित होता है। यहां पारंपरिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल की जगह स्थानीय उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षकों और पायलटों द्वारा एयर ट्रैफिक की जानकारी दी जाती है।
एयरपोर्ट की भौगोलिक स्थिति: यह हवाई पट्टी बारामती शहर से कुछ दूरी पर गोजुबवी (Gojubavi) इलाके में स्थित है। यह मुख्य रूप से एक सार्वजनिक एयरस्ट्रिप है, जिसका उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए किया जाता है:
- निजी चार्टर्ड उड़ानें
- वीआईपी यात्रा और आवाजाही
- पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम
पहला संपर्क कब हुआ? बारामती एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम (ATC) के रिकॉर्ड के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान ने पहली बार सुबह 8:18 बजे संपर्क स्थापित किया। उस समय विमान बारामती से लगभग 30 नॉटिकल मील (करीब 55 किलोमीटर) की दूरी पर था।
खराब मौसम और ATC की सलाह: कम दृश्यता (Low Visibility) को देखते हुए ATC ने पायलट को सलाह दी कि वे अपने विवेकानुसार ‘विजुअल मेटियोरोलॉजिकल कंडीशन’ (VMC) में लैंडिंग करें। यानी पायलट को मौसम की स्थिति देखकर खुद निर्णय लेना था।
“रनवे दिखाई नहीं दे रहा” – पायलट का पहला अलर्ट
लैंडिंग से पहले चालक दल ने ATC से हवाओं की दिशा और दृश्यता (Visibility) की जानकारी मांगी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने बताया कि:
- हवाएं शांत (Calm Winds) हैं
- दृश्यता लगभग 3,000 मीटर (3 किलोमीटर) है
पहला लैंडिंग प्रयास विफल: नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, विमान ने रनवे 11 के पास पहुंचने की सूचना दी, लेकिन पायलट ने स्पष्ट रूप से कहा कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है।
खराब दृश्यता के कारण पायलट ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘गो-अराउंड’ (हवा में चक्कर लगाने) का निर्णय लिया। यह विमानन सुरक्षा नियमों के अनुसार एक मानक प्रक्रिया है।
दूसरा प्रयास: हवा में चक्कर लगाने के बाद ATC ने चालक दल से दोबारा पूछा कि क्या अब रनवे दिखाई दे रहा है। यह जानना महत्वपूर्ण था क्योंकि दृश्यता की स्थिति में सुधार हो सकता था।
लैंडिंग की इजाजत के बाद क्या हुआ? – दुर्घटना का अंतिम चरण
पायलट का पहला जवाब: जब ATC ने पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है, तो चालक दल ने कहा: “फिलहाल रनवे नजर नहीं आ रहा है। जब रनवे दिखाई देगा, हम संपर्क करेंगे।”
रनवे दिखाई देने की पुष्टि: कुछ सेकंड बाद पायलट ने ATC को सूचित किया कि अब उन्हें रनवे दिखाई दे रहा है।
सुबह 8:43 बजे – लैंडिंग की मंजूरी: एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को रनवे 11 पर उतरने की अनुमति (Landing Clearance) दे दी। हालांकि, चालक दल की ओर से इस अनुमति की कोई पुष्टि (रीड-बैक) नहीं मिली। यह एक असामान्य स्थिति थी क्योंकि विमानन नियमों के अनुसार पायलट को लैंडिंग की अनुमति मिलने पर तुरंत पुष्टि देना अनिवार्य है।
8:44 बजे – विमान दुर्घटनाग्रस्त: लैंडिंग की मंजूरी देने के महज एक मिनट बाद, सुबह 8:44 बजे ATC ने रनवे 11 के किनारे भीषण आग की लपटें देखीं। विमान क्रैश हो चुका था।
आपातकालीन सेवाओं की तत्परता: आग की लपटें दिखते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। दमकल विभाग, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाएं तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दुर्घटना में मृतकों की संख्या: इस दुखद हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में:
- अजित पवार (महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम)
- विमान के दोनों पायलट
- दो अन्य यात्री
यह महाराष्ट्र राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है।




