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‘AI समिट’ बना अव्यवस्था का प्रतीक : कांग्रेस

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एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 17 फरवरी 2026

नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई समिट’ को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस आयोजन को “तकनीकी सम्मेलन नहीं, प्रचार सम्मेलन” करार देते हुए केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि जिस मंच को देश की तकनीकी ताकत और स्टार्टअप इकोसिस्टम की उपलब्धियों को दुनिया के सामने रखने के लिए तैयार किया गया था, उसे अव्यवस्था, कुप्रबंधन और दिखावे की राजनीति ने शर्मनाक स्थिति में पहुंचा दिया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले मुख्य हॉल खाली कराया गया और एग्ज़िबिटर्स को उनके ही भुगतान किए गए स्टॉल्स से हटाया गया। विपक्ष का आरोप है कि जिन स्टार्टअप्स ने भारी फीस देकर अपने उत्पाद और तकनीक प्रदर्शित करने के लिए जगह ली थी, उन्हें सुरक्षा और प्रोटोकॉल के नाम पर किनारे कर दिया गया। पार्टी का कहना है कि यह स्टार्टअप समुदाय के साथ खुला अन्याय है।

आरोपों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। कांग्रेस ने दावा किया कि सुरक्षा में गंभीर चूक के कारण कई उत्पाद चोरी हो गए। इंटरनेट सेवा ठप रहने से कई डेमो फेल हो गए, जिससे विदेशी मेहमानों और निवेशकों के सामने भारत की तकनीकी तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए। फाउंडर्स और एग्ज़िबिटर्स घंटों लंबी कतारों में खड़े रहे, जबकि अंदर “वीआईपी मूवमेंट” चलता रहा।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि AI और टेक समिट जैसे आयोजन में लैपटॉप, बैग, कैमरा और यहां तक कि पानी की बोतल पर पाबंदी लगा दी गई। भुगतान की व्यवस्था केवल नकद तक सीमित रहने से कई प्रतिभागियों को भोजन और अन्य सुविधाएं लेने में परेशानी हुई। कांग्रेस का कहना है कि यह “डिजिटल इंडिया” का सबसे बड़ा मजाक है, जहां टेक इवेंट में ही बुनियादी डिजिटल सुविधाएं नदारद रहीं।

कांग्रेस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि समिट के पहले ही दिन प्रधानमंत्री अपने काफिले के साथ फोटो सेशन और प्रचार गतिविधियों के लिए पहुंचे, जिससे आयोजन का फोकस तकनीक और नवाचार से हटकर छवि निर्माण पर केंद्रित हो गया। पार्टी के अनुसार, इससे न केवल स्टार्टअप्स का नुकसान हुआ बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को भी आघात पहुंचा है।

हालांकि सरकार या आयोजकों की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा तेजी से गरमा रहा है। विपक्ष इसे “इवेंट मैनेजमेंट सरकार” की विफलता बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष के समर्थक इसे विपक्ष का अतिरंजित आरोप करार दे रहे हैं।

फिलहाल, ‘इंडिया एआई समिट’ तकनीकी उपलब्धियों से ज्यादा अव्यवस्था और सियासी तकरार के कारण सुर्खियों में है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराता है या आयोजक स्थिति संभाल लेते हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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