लखनऊ 30 अक्टूबर 2025
देश में हलचल मचाने वाला मामला सामने आया है। आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अदानी समूह और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से जुड़े विवाद पर LIC को कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेजा है। यह नोटिस वॉशिंगटन पोस्ट की हालिया रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि भारतीय सरकारी अधिकारियों ने मई 2025 में लगभग 3.9 बिलियन डॉलर की अदानी निवेश योजना को LIC के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया था।
अमिताभ ठाकुर ने अपने नोटिस में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि वॉशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित दस्तावेज़ सही साबित होते हैं, तो LIC ने अपने पॉलिसी होल्डर्स और सब्सक्राइबर्स के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने LIC से 10 दिनों के भीतर इस पूरे मामले पर तथ्यात्मक और कानूनी स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
ठाकुर ने सोशल मीडिया पर प्रकाशित पत्रकार रवि नायर के तीन दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए कहा है कि ये दस्तावेज़ LIC के आधिकारिक दावों का खंडन करते हैं और यदि ये असली हैं, तो LIC की सफाई झूठ साबित होगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जवाब न मिलने की स्थिति में वे सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई के तहत आगे की कार्यवाही करेंगे।
अब देश की निगाहें LIC पर टिकी हैं —
क्या LIC पारदर्शिता दिखाएगी और सच को सामने लाएगी,
या सरकारी दबाव में लीपापोती करके मामले को दबाने की कोशिश करेगी? यह कानूनी नोटिस न केवल LIC की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि सरकारी निवेश तंत्र की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर भी गंभीर बहस छेड़ता है। स्पष्ट है — अमिताभ ठाकुर ने एक बार फिर सत्ता और पूंजी के गठजोड़ पर सीधा प्रहार किया है, और अब देश देखेगा कि सच्चाई किस ओर झुकती है — अदानी की ओर या आम पॉलिसी होल्डर्स की ओर।





