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अभिषेक बनर्जी-सागरिका का हमला: बीजेपी दे रही राष्ट्रघाती बयानबाज़ी

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कोलकाता, 1 नवंबर 2025  | स्पेशल रिपोर्ट: पंकज मुखर्जी

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल तब आया जब टीएमसी के युवा सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार पर राष्ट्र की सीमाओं को मिटाने जैसा खतरनाक बयान देने का आरोप लगाया। अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा कि बीजेपी नेतृत्व की “पाखंड की राजनीति” अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि रानाघाट से बीजेपी सांसद जगन्नाथ सरकार ने यह कहते हुए सनसनी फैला दी कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो भारत और बांग्लादेश के बीच की सीमाएं खत्म कर दी जाएंगी — दोनों देश फिर से “एक” हो जाएंगे!

अभिषेक बनर्जी ने इस बयान को “राष्ट्र के साथ धोखा” बताते हुए सीधे गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को चुनौती दी। उन्होंने कहा, “अगर बीजेपी सच में भारत की अखंडता पर विश्वास करती है, तो वह तुरंत इस सांसद को पार्टी से निलंबित करे। लेकिन अगर वे चुप रहते हैं, तो यह साफ होगा कि जगन्नाथ सरकार ने यह बयान शीर्ष नेतृत्व की सहमति से दिया है। यह राष्ट्रवाद नहीं, बल्कि राष्ट्र के साथ विश्वासघात है — देशभक्ति के नाम पर छल और अपमान।”

टीएमसी सांसद ने तीखे शब्दों में कहा कि यह बीजेपी की दोहरी नीति की पराकाष्ठा है — “एक ओर अमित शाह और उनकी सरकार लगातार बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हैं कि वह सीमा की रक्षा के लिए ज़मीन नहीं दे रही, और दूसरी ओर उनके अपने सांसद भारत-बांग्लादेश की सीमा ही मिटाने की बात कर रहे हैं! यह कैसी राष्ट्रभक्ति है? यह तो सीधा-सीधा भारत की सुरक्षा और संप्रभुता पर हमला है।”

अभिषेक ने आगे कहा कि “बीजेपी के नेता दिन-रात ‘घुसपैठ’, ‘राष्ट्रवाद’ और ‘सीमा सुरक्षा’ की बातें करते हैं, लेकिन जब उनके अपने सांसद खुलेआम सीमा समाप्त करने की बात करते हैं, तब पूरा नेतृत्व मौन हो जाता है। यह दिखाता है कि बीजेपी की असली नीयत क्या है — वे बंगाल के लोगों को झूठे राष्ट्रवाद के नाम पर मूर्ख बना रहे हैं। यह राजनीति नहीं, देश के साथ विश्वासघात है।”

पत्रकार और टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने भी बीजेपी पर करारा हमला बोला। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “भारतीय जुमला पार्टी फिर से सक्रिय हो गई है। बीजेपी के सांसद अब कह रहे हैं कि अगर उनकी सरकार बंगाल में बनी, तो भारत-बांग्लादेश सीमा पर की जाने वाली फेंसिंग ही खत्म कर दी जाएगी। जब उनके अपने सांसद खुलेआम ‘खुली सीमाओं’ की बात कर रहे हैं, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह किस मुंह से ‘घुसपैठियों’ और ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ की बातें कर रहे हैं?”

सागरिका घोष ने बीजेपी को “राष्ट्र के हित से खिलवाड़ करने वाली पार्टी” बताते हुए कहा कि, “यह वही पार्टी है जो बंगाल में चुनाव के समय बांग्लादेशी घुसपैठियों का डर दिखाकर वोट मांगती है, और अब उन्हीं के सांसद सीमा मिटाने की बात कर रहे हैं। यह पार्टी न तो सीमाओं का सम्मान करती है, न ही भारत की संप्रभुता का। इन्हें सिर्फ सत्ता चाहिए, चाहे उसके लिए देश की एकता ही क्यों न दांव पर लग जाए।”

अभिषेक बनर्जी और सागरिका घोष के बयानों से बंगाल की राजनीति में नया तूफ़ान उठ गया है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बीजेपी सांसद का यह कथित बयान न केवल संवेदनशील है बल्कि भारत की विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा पर गहरा सवाल उठाता है। विपक्ष इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़” बता रहा है, जबकि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी इस विवाद को और गहरा रही है।

टीएमसी नेताओं का कहना है कि यह वही बीजेपी है जो सीमा सुरक्षा के नाम पर चुनाव जीतना चाहती है, मगर उसके अपने सांसद भारत और बांग्लादेश को एक देश बनाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया — “क्या यह वही राष्ट्रवाद है, जो प्रधानमंत्री मोदी हर मंच से प्रचारित करते हैं? क्या अब बीजेपी का सपना भारत की सीमाओं को मिटा देना है?”

अंत में अभिषेक बनर्जी ने चेतावनी दी, “अगर बीजेपी नेतृत्व ने इस सांसद पर कार्रवाई नहीं की, तो यह साफ हो जाएगा कि यह बयान किसी ‘व्यक्ति विशेष’ का नहीं, बल्कि बीजेपी की सोच का प्रतिबिंब है। बंगाल और भारत के लोग अब इस दोहरे चरित्र को पहचान चुके हैं — और इस बार वे इन्हें माफ नहीं करेंगे।”

 

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