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कट्टा लोकतंत्र की कनपटी पर, ट्रिगर मोदी के हाथ में : कांग्रेस

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बिहार की चुनावी ज़मीन पर शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आग उगल दी। गया और चेनारी की जनसभाओं में खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए कहा — “मोदी जी कहते हैं कि आरजेडी ने कनपटी पर कट्टा रखकर मुख्यमंत्री पद ले लिया। लेकिन सच तो ये है कि कट्टा तो आपने लोकतंत्र की कनपटी पर रखा है। असली चोर आप हैं, जो वोट चुराकर सत्ता में बैठे हैं!” खड़गे के यह शब्द सुनते ही भीड़ में जबरदस्त तालियां गूंजीं और “मोदी हटाओ, बिहार बचाओ” के नारे हवा में गूंज उठे।

खड़गे ने मंच से मोदी सरकार को देश के सबसे बड़े “झूठे वादों के कारखाने” की संज्ञा दी। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने कहा था कि हर खाते में 15-15 लाख रुपये आएंगे, हर साल 2 करोड़ नौकरियां मिलेंगी, किसानों को एमएसपी की गारंटी मिलेगी, गरीबों को पक्के मकान और महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। लेकिन आज 10 साल बाद न कोई रोजगार मिला, न 15 लाख, न एमएसपी। बस झूठ पर झूठ बोला गया, और मीडिया ने ताली बजाई।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा — “नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनकी सरकार विज्ञापनों से चलती है, जनता के भरोसे नहीं।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा महिलाओं, गरीबों और पिछड़ों के खिलाफ है। “इनकी पार्टी में महिलाओं की कोई जगह नहीं है। सिर्फ कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जो हर वर्ग को साथ लेकर चलती है — चाहे वो महिला हो, दलित हो, पिछड़ा हो या अल्पसंख्यक। यही भारत की आत्मा है और हम इसी आत्मा की रक्षा के लिए मैदान में उतरे हैं।”

उन्होंने भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा, “बिहार की माताओं और बहनों को आज 10 हजार रुपये देकर वोट मांगे जा रहे हैं। सवाल है — क्या मोदी-नीतीश ने महिलाओं को ‘वोट के लिए’ पैसे दिए हैं या सम्मान दिया है? क्या किसी महिला को स्थायी रोजगार मिला? क्या गैस सिलेंडर आज सस्ता है?” जनता ने एक स्वर में जवाब दिया — “नहीं!”

खड़गे ने कहा कि बिहार में अब कुशासन और गुंडाराज की गठजोड़ वाली सरकार का अंत तय है। “बीजेपी-जेडीयू ने इस प्रदेश को 20 साल तक ठगा है। न उद्योग लगाया, न रोजगार दिया। यहां के नौजवान आज भी दिल्ली, पंजाब और गुजरात की फैक्ट्रियों में पसीना बहा रहे हैं, जबकि उनका घर खाली है। ये सरकार सिर्फ पूंजीपतियों की गुलाम है।” उन्होंने घोषणा की — “हम बिहार को उस राह पर लेकर जाएंगे, जहां युवाओं को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि प्रदेश में ही उनके सपने पूरे होंगे। यह हमारा वादा नहीं, हमारा प्रण है।”

सभा के दौरान खड़गे ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक शब्दों को याद करते हुए कहा, “जब नेहरू जी बिहार आए थे, उन्होंने कहा था कि वोट ऐसे प्रत्याशी को दो जो सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाए, जो व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता की रक्षा करे, जो धर्म और शिक्षा की स्वतंत्रता को मजबूत करे। आज वही वक्त फिर लौट आया है — आपको फिर वही चुनाव करना है।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने चेनारी में महागठबंधन का “संकल्प घोषणापत्र” पेश करते हुए कहा कि यह घोषणापत्र केवल वादों की सूची नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति का दस्तावेज़ है। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता साफ है — सामाजिक न्याय की पुनर्स्थापना, समान अवसर की गारंटी, महिलाओं का सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार और किसानों-मज़दूरों को सम्मान।”

फिर उन्होंने बिंदुवार बताया —

  1. हर परिवार के एक सदस्य को रोजगार (20 दिन में कानून बनेगा)
  2. 20 महीने में रोजगार देने का परिणाम दिखेगा
  3. जीविका दीदियों को सरकारी दर्जा
  4. ठेका व आउटसोर्सिंग कर्मियों को स्थायी पद
  5. पुरानी पेंशन योजना की बहाली
  6. महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह सहायता
  7. बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को ₹1,500 से ₹3,000 तक मासिक पेंशन
  8. 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली
  9. युवाओं के लिए फॉर्म शुल्क खत्म, परीक्षा तक मुफ्त यात्रा
  10. किसानों को एमएसपी पर कानूनी गारंटी
  11. ₹25 लाख तक मुफ्त स्वास्थ्य बीमा
  12. मनरेगा मजदूरी ₹300 प्रतिदिन
  13. आरक्षण सीमा 50% से बढ़ाई जाएगी
  14. बाढ़ और सूखे से निपटने के ठोस इंतज़ाम
  15. पलायन-मुक्त बिहार का निर्माण

खड़गे ने कहा, “ये सिर्फ वादे नहीं हैं, ये बिहार के भविष्य की रीढ़ हैं। हम वह बिहार बनाएंगे, जो आत्मनिर्भर, समानता-आधारित और विकासशील होगा। जहां ‘जुमले’ नहीं, ‘जनता’ चलेगी। खड़गे ने कहा, “अब वक्त आ गया है कि जो झूठ बोले, उसे जनता सज़ा दे। मोदी जी ने जो कट्टा की बात कही — दरअसल, कट्टा उन्होंने लोकतंत्र की कनपटी पर रखा है। जनता अब उस उंगली को झटकने वाली है जो वोट चुराती है।” उन्होंने जोश से कहा —

“यह बिहार का जनादेश नहीं, जनक्रांति होगी। अब बदलेगा राज, और उठेगा नया बिहार — न्याय, समानता और सम्मान के साथ!”

 

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