नई दिल्ली | 29 मार्च 2026
बाराखंबा थाने में बीजेपी नेता की शिकायत; सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उठे सवाल, जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति
राजधानी दिल्ली में लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता Madhu Kishwar के खिलाफ बाराखंबा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत उत्तर प्रदेश के भाजपा नेता Manish Mishra द्वारा दी गई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि मधु किश्वर ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर गंभीर और निराधार आरोप लगाए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आने वाले समय में पुलिस उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
मामले की शुरुआत तब हुई जब मधु किश्वर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री मोदी पर “सेक्सुअल करप्शन”, “प्रेडेटरी बिहेवियर” और “पर्सनैलिटी डिसऑर्डर” जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2014 के बाद उन्होंने मोदी से दूरी बना ली थी, क्योंकि कुछ महिला नेताओं और मंत्रियों को पद दिए जाने के पीछे “अनुचित संबंधों” की चर्चाएं थीं।
इन आरोपों को लेकर शिकायतकर्ता मनीष मिश्रा ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यह न केवल प्रधानमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है, बल्कि इससे धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं। उनका आरोप है कि मधु किश्वर ने अपने पोस्ट में सनातन परंपराओं और माता सीता के संदर्भ में भी आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
इस पूरे विवाद में एक और नाम चर्चा में है—भाजपा के वरिष्ठ नेता Subramanian Swamy। दरअसल, मधु किश्वर के बयान स्वामी द्वारा दिए गए कुछ बयानों के जवाब में सामने आए बताए जा रहे हैं। स्वामी ने भी हाल के दिनों में प्रधानमंत्री के निजी जीवन को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई।
हालांकि, अब तक स्वामी के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिसको लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। कई लोग यह पूछ रहे हैं कि समान प्रकृति के आरोपों के बावजूद कार्रवाई में अंतर क्यों दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि मधु किश्वर कभी प्रधानमंत्री मोदी की समर्थक मानी जाती रही हैं और उन्होंने “मोदीनामा” जैसी पुस्तक भी लिखी थी। लेकिन 2014 के बाद उनके रुख में बदलाव देखने को मिला। उनके हालिया बयानों ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में न तो भारतीय जनता पार्टी और न ही प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।




