नई दिल्ली 18 सितम्बर 2025
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने असम की अस्मिता और पहचान पर हमला करने वालों को कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा आईटी सेल के शब्द, कार्रवाइयां और तस्वीरें असमिया समाज की सतह तक को छूने की ताक़त नहीं रखते।
गोगोई ने याद दिलाया कि असम की संस्कृति और समाज को महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव, आज़ान पीर, स्वर्गदेव सुकाफा, लाचित बरफुकन और भूपेन हजारिका जैसे महान व्यक्तित्वों ने गढ़ा है। उन्होंने कहा, “जिन लोगों का रिश्ता गाय, कोयला, सुपारी और नशीली दवाओं की तस्करी से रहा है, वे असम के मन को दिशा नहीं दे सकते।”
कांग्रेस सांसद ने साफ कहा कि असम को ऐसे नेता चाहिए जो लोगों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं, न कि नफरत फैलाएं। उन्होंने अपने विज़न का ज़िक्र करते हुए कहा कि वह एक ऐसे “बड़ असम” का निर्माण करना चाहते हैं जहां पायलट, इंजीनियर, डॉक्टर, उद्यमी, बैंकर और कारोबारी समाज का चेहरा बनें।
गोगोई ने जोर देकर कहा कि उनका सपना ऐसा असम है जहां मेहनत नफरत पर हावी हो, शालीनता अहंकार से ऊपर हो, लोकतंत्र तानाशाही को कुचल दे और हर इंसान को इज्ज़त मिले। गोगोई का यह बयान न केवल भाजपा पर सीधा हमला है, बल्कि असम की जनता के सामने कांग्रेस का “विकास बनाम नफरत” का एजेंडा पेश करने की कोशिश भी माना जा रहा है।




