चंडीगढ़ 3 सितम्बर 2025
पंजाब में बारिश और नदी किनारे जलस्तर बढ़ने की वजह से हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। हाल ही में भाखड़ा और पौंग डैम से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है, जिससे पहले से ही पानी में डूबे कई इलाके और अधिक प्रभावित हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की तैयारी तेज कर दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है और कई जगह सड़कों पर पानी जमा हो गया है, जिससे आवाजाही मुश्किल हो रही है। लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे घरों और सुरक्षित जगहों से बाहर न निकलें।
हरियाणा और यूपी तक बाढ़ का खतरा, अलर्ट जारी
भाखड़ा और पौंग डैम से छोड़ा गया पानी पंजाब के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। हरियाणा और यूपी की सरकारों ने भी प्रभावित जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे रहने वाले किसानों और ग्रामीणों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और जल निकायों के पास न जाएँ और सरकारी निर्देशों का पालन करें।
प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की सक्रियता
पंजाब में पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं। स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों को अस्थायी रूप से बंद करने की सिफारिश की गई है, ताकि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही राहत शिविरों में पानी, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को आवश्यक सामान पहले से सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की चेतावनी दी है और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की देरी न होने के लिए टीमों को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और भविष्य की तैयारी
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24-48 घंटों में पंजाब, हरियाणा और यूपी में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने यमुना और सतलज नदियों के जलस्तर पर विशेष निगरानी बनाए रखने की हिदायत दी है। लोगों को बार-बार सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की चेतावनी दी जा रही है। इसके अलावा, प्रशासन ने जल स्तर की जानकारी और बचाव कार्यों से जुड़ी हर अपडेट तुरंत जनता तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की है, ताकि बाढ़ से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।




